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विजयादशमी पर रावण नहीं, बल्कि सोनम रघुवंशी जैसी शूर्पणखा महिलाओं के पुतले का होगा दहन

विजयादशमी पर रावण नहीं, बल्कि सोनम रघुवंशी जैसी शूर्पणखा महिलाओं के पुतले का होगा दहन

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में इस वर्ष विजयादशमी का पर्व एक अनोखे और विवादास्पद अंदाज में मनाया जाएगा। पारंपरिक रूप से रावण के पुतले का दहन होने वाली इस परंपरा को तोड़ते हुए, पत्नी पीड़ित पुरुषों की संस्था ‘पौरुष’ ने 11 मुखी शूर्पणखा के प्रतीकात्मक पुतले का दहन करने का फैसला लिया है। इस पुतले पर उन महिलाओं की तस्वीरें लगाई जाएंगी, जिन्हें ‘मॉडर्न कलयुगी शूर्पणखा’ करार दिया गया है। इनमें सबसे प्रमुख नाम इंदौर की ही सोनम रघुवंशी का है, जो अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या के आरोपी के रूप में कुख्यात है। यह आयोजन 2 अक्टूबर को महालक्ष्मी नगर स्थित मेला ग्राउंड में होगा, जहां हजारों लोग जुटने की उम्मीद है।

संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया, “रामायण में शूर्पणखा ने अपनी विकृत इच्छाओं से युद्ध को जन्म दिया, ठीक वैसे ही आज समाज में कुछ महिलाएं अपने अपराधों से पुरुषों को नष्ट कर रही हैं। हम रावण दहन की जगह शूर्पणखा दहन कर समाज को जागरूक करना चाहते हैं।” पुतले के 11 मुखों पर सोनम रघुवंशी के अलावा मेरठ की मुस्कान रस्तोगी (जिसने पति सौरभ राजपूत की हत्या की और लाश के टुकड़े कर ड्रम में छिपा दिया), राजस्थान की हर्षा, जौनपुर की निकिता सिंघानिया, दिल्ली की सुष्मिता, मेरठ की रविता, फिरोजाबाद की शशि, बेंगलुरु की सूचना सेठ, मुंबई की चमन उर्फ गुड़िया, औरैया की प्रियंका और देवास की हंसा जैसी महिलाओं की तस्वीरें लगेंगी। ये सभी पति या बच्चों की हत्या जैसे जघन्य अपराधों की आरोपी हैं।

सोनम रघुवंशी का मामला इस आयोजन का केंद्र बिंदु है। 25 वर्षीय सोनम ने 11 मई 2024 को इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी से शादी की थी। मेघालय के शिलांग में हनीमून के दौरान, उसने कथित तौर पर प्रेमी राज कुशवाहा और साथियों को सुपारी देकर राजा की हत्या कराई। 2 जून 2025 को राजा का शव जंगल में मिला। मेघालय पुलिस की SIT ने 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनम समेत 5 आरोपी नामजद हैं। सोनम को जून में गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह बदहवास हालत में मिली थी। राजा के भाई सचिन ने तो यहां तक आरोप लगाया कि यह नरबलि थी, जो सोनम ने अपने बीमार पिता की सेहत के लिए चढ़ाई। सोनम का परिवार इन दावों को सिरे से खारिज करता है, लेकिन केस अभी अदालत में लंबित है।

यह आयोजन सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, कुछ लोग इसे सशक्त संदेश मान रहे हैं, तो कुछ इसे लिंग-विरोधी बता रहे हैं। महिला आयोग ने भी नोटिस जारी करने की बात कही है। दशोरा ने स्पष्ट किया, “हमारा उद्देश्य अपराध के खिलाफ है, न कि महिलाओं के। समाज को दोनों लिंगों के अपराधों से सतर्क रहना चाहिए।” यह दहन न केवल धार्मिक उत्सव को नया आयाम देगा, बल्कि महिला अपराधों पर बहस छेड़ देगा। इंदौर पुलिस ने आयोजन को शांतिपूर्ण रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

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