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आसाराम के बेटे नारायण साई को गुजरात HC से राहत, बीमार मां से मिलने के लिए मिली 5 दिन की अंतरिम जमानत

आसाराम के बेटे नारायण साई को गुजरात HC से राहत, बीमार मां से मिलने के लिए मिली 5 दिन की अंतरिम जमानत

गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार को आसाराम बापू के बेटे नारायण साई को पांच दिन की अस्थायी जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें अपनी बीमार मां से मिलने के लिए मिली है, जो हृदय रोग से पीड़ित हैं। नारायण साई, जो 2019 से सूरत के लाजपुर सेंट्रल जेल में यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, ने अपनी याचिका में कहा था कि वे फरवरी 2021 के बाद से अपनी मां से नहीं मिल पाए हैं। जस्टिस इलेश वी. वोर की एकलपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और साई की लंबी कैद को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।

कोर्ट ने साफ शर्तें लगाई हैं। साई को रिहा होने की तारीख से पांच दिन की जमानत मिलेगी, जिसमें वे केवल अहमदाबाद स्थित अपनी मां के आवास पर रह सकेंगे। पुलिस निगरानी में रहना अनिवार्य होगा, और वे किसी अन्य स्थान पर जाने या अपने/अपने पिता के अनुयायियों से समूह में मिलने की अनुमति नहीं पाएंगे। पांच दिन पूरे होने पर उन्हें जेल वापस लाया जाएगा। याचिका में वकील धर्मेंद्रकुमार मिश्रा ने बताया कि साई की मां की हालत गंभीर है, लेकिन राज्य सरकार और पीड़िता के वकील ने इसका विरोध किया, क्योंकि मां की मेडिकल रिपोर्ट से क्रिटिकल कंडीशन साबित नहीं हो रही।

नारायण साई पर सूरत के एक आश्रम में 2002-2006 के बीच दो महिलाओं के साथ बलात्कार और यौन शोषण का आरोप है। 2013 में गिरफ्तारी के बाद 2019 में सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। उनके पिता आसाराम बापू भी इसी तरह के मामले में राजस्थान जेल में उम्रकैद काट रहे हैं। जून 2025 में हाईकोर्ट ने साई को पिता से मिलने के लिए भी पांच दिन की जमानत दी थी, जो मानवीय आधार पर थी। एक अन्य बलात्कार मामले में आसाराम की जमानत याचिका 22 सितंबर को सूचीबद्ध है।

यह फैसला मानवीय आधार पर लिया गया है, लेकिन साई के वकील पर पहले फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के मामले में कोर्ट ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जमानतें कैदियों के परिवारिक बंधनों को मजबूत करती हैं, लेकिन पीड़ित पक्ष की भावनाओं का भी ख्याल रखना जरूरी। साई की अपील अभी लंबित है, और अंतिम सुनवाई का इंतजार है। यह घटना धार्मिक नेताओं पर लगे आरोपों की श्रृंखला में एक और अध्याय जोड़ती है।

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