संभल जिले के कई गांवों में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण: प्रशासन ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम जारी किया
संभल जिले के कई गांवों में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण: प्रशासन ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम जारी किया
संभल, 15 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से बने मदरसों और मैरिज हॉल्स को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। जिले के कई गांवों में इन निर्माणों की शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम जारी कर दिया है, जिसमें संबंधित पक्षों को जमीन खाली करने या वैध अनुमति दिखाने का निर्देश दिया गया है। यदि ऐसा न किया गया तो बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
इस मुद्दे ने स्थानीय स्तर पर काफी विवाद पैदा कर दिया है। संभल सदर क्षेत्र के आसपास के गांवों जैसे असमपुर, गुंजनपुर और अन्य में सरकारी गजट नोटिफाइड भूमि पर बने ये मदरसे वर्षों से संचालित हो रहे हैं, जबकि मैरिज हॉल्स सामुदायिक आय का स्रोत बन चुके हैं। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि ये निर्माण बिना किसी अनुमति के किए गए हैं, जो भूमि अधिग्रहण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम ने सर्वे किया है, जिसमें 10 से अधिक ऐसे निर्माण सामने आए हैं। “सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे,” उन्होंने कहा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये निर्माण सामाजिक और धार्मिक जरूरतों के लिए बने थे, लेकिन अब वे आर्थिक हितों का केंद्र बन गए हैं। कुछ मदरसों के प्रबंधकों ने अल्टीमेटम के खिलाफ विरोध जताया है, जबकि प्रशासन ने शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो पिछले वर्ष से कई जिलों में चली आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, लेकिन सामाजिक तनाव न बढ़े इसके लिए संवेदनशीलता जरूरी है।
प्रशासन ने प्रभावित पक्षों को 22 सितंबर तक समय दिया है। इस दौरान वैध दस्तावेज जमा करने का मौका मिलेगा। जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। यह घटना संभल जैसे संवेदनशील जिले में शांति बनाए रखने की चुनौती को रेखांकित करती है।
