उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: वोटों की गिनती शुरू, 13 सांसद गैरहाजिर, नतीजे कुछ देर में
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: वोटों की गिनती शुरू, 13 सांसद गैरहाजिर, नतीजे कुछ देर में
भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान आज संसद भवन में पूरा हो गया, और वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इस रोमांचक मुकाबले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी जस्टिस (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच कांटे की टक्कर है। मतदान में 13 सांसद गैरहाजिर रहे, जिससे गुप्त मतदान और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। नतीजे देर रात तक आने की उम्मीद है।
मतदान का विवरण
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन के कमरा नंबर एफ-101, वसुधा में मतदान हुआ। गुप्त मतदान एकल संक्रमणीय आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (सिंगल ट्रांसफरेबल वोट) के तहत हुआ, जिसमें सांसदों ने विशेष स्याही वाले पेन से सफेद मतपत्रों पर प्राथमिकता (1, 2…) अंकित की। कुल 788 सांसदों में से 782 पात्र थे, लेकिन 13 सांसदों—7 बीजू जनता दल (BJD), 4 भारत राष्ट्र समिति (BRS), और 2 अन्य—ने मतदान से दूरी बनाई। इस तरह, कुल 769 वोट पड़े। जीत के लिए 385 वोटों का कोटा जरूरी है।
प्रमुख नेताओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 10:05 बजे पहला वोट डाला, इसके बाद सोनिया गांधी (10:30), राहुल गांधी (10:45), मल्लिकार्जुन खड़गे (11:00), और प्रियंका गांधी वाड्रा (11:15) ने मतदान किया। NDA ने अपनी एकजुटता दिखाने के लिए सांसदों की ब्रेकफास्ट मीटिंग आयोजित की, जिसमें शिवराज सिंह चौहान और नित्यानंद राय ने रणनीति बनाई। इंडिया ब्लॉक ने क्रॉस वोटिंग पर भरोसा जताया, और AIMIM व आजाद पार्टी ने सुदर्शन रेड्डी का समर्थन किया।
संख्याबल का गणित
NDA के पास 425 सांसदों का समर्थन है, जिसमें YSRCP के 11 वोट शामिल हैं, जो जीत के लिए पर्याप्त है। इंडिया ब्लॉक के पास 324 वोट हैं, जो कोटे से 61 कम हैं। गैरहाजिरी और गुप्त मतदान के कारण क्रॉस वोटिंग का असर अहम हो सकता है। 2022 में जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे, जिसमें विपक्षी सांसदों की क्रॉस वोटिंग शामिल थी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NDA की जीत संभावित है, लेकिन 13 सांसदों की गैरहाजिरी और गुप्त मतदान से उलटफेर की गुंजाइश बनी हुई है। मतगणना रात 8 बजे तक पूरी होने की उम्मीद है, और नतीजे संसद भवन में ही घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव 2027 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों गठबंधनों की ताकत का आकलन भी करेगा।
