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ईरान का नया ‘गेम-चेंजर’ हथियार! Shahed-136 ड्रोन से US और इजरायली UAVs पर बड़ा खतरा, कोई सटीक काट नहीं

ईरान का नया ‘गेम-चेंजर’ हथियार! Shahed-136 ड्रोन से US और इजरायली UAVs पर बड़ा खतरा, कोई सटीक काट नहीं

ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध (Operation Epic Fury) में ईरान के सस्ते लेकिन घातक Shahed-136 एक-तरफा हमलावर ड्रोन अब सबसे बड़ा सिरदर्द बन गए हैं। ये ड्रोन इतने सस्ते (करीब 20,000-50,000 डॉलर) हैं कि ईरान हजारों की संख्या में इन्हें लॉन्च कर रहा है, जबकि इन्हें रोकने के लिए US और इजरायल को लाखों-करोड़ों डॉलर के महंगे मिसाइल (जैसे Patriot, SM-6, Iron Dome) इस्तेमाल करने पड़ रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक:

ईरान ने युद्ध शुरू होने से अब तक हजारों Shahed-136 ड्रोन लॉन्च किए हैं, जिनमें से ज्यादातर को रोका गया, लेकिन कुछ ने US बेस, रडार सिस्टम और यहां तक कि THAAD जैसी एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुंचाया।

इन ड्रोन ने US MQ-9 Reaper जैसे हाई-टेक ड्रोन को भी निशाना बनाया—कई MQ-9s “गायब” हो गए या गिराए गए।

ईरान का दावा है कि उसने 75 से ज्यादा US और इजरायली UAVs को न्यूट्रलाइज किया है, जिसमें स्पेशल इंटरसेप्टर (जैसे Missile 358) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो रडार ऑन किए बिना दुश्मन ड्रोन को ट्रैक और मार सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि Shahed-136 जैसी सस्ती टेक्नोलॉजी के आगे US और इजरायल के पास अभी कोई परफेक्ट, सस्ता काउंटर नहीं है। यूक्रेन युद्ध से सबक लेकर ईरान ने इनमें एंटी-जैमिंग और EW-रेसिस्टेंट फीचर्स जोड़े हैं, जिससे इन्हें रोकना और मुश्किल हो गया।

क्यों है ये इतना खतरनाक?

असिमेट्रिक वॉरफेयर: ईरान सस्ते ड्रोन से महंगे डिफेंस सिस्टम को थका रहा है—एक ड्रोन रोकने में लाखों डॉलर खर्च हो रहे हैं।

US ने खुद ईरान के Shahed-136 को रिवर्स-इंजीनियर करके अपना LUCAS ड्रोन बनाया और ईरान पर इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन ईरान की संख्या और स्ट्रैटेजी अभी भी दबाव बना रही है।

हाल के हमलों में इन ड्रोन ने US बेस पर मौतें (कई अमेरिकी सैनिक मारे गए) और रडार सिस्टम को तबाह किया, जिससे मिसाइल डिफेंस कमजोर हुई।

ईरान अब “मिसाइल सिटी” जैसी अंडरग्राउंड फैसिलिटी से नेवल सुसाइड ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइल भी तैयार कर रहा है, जो अमेरिकी वॉरशिप्स को टारगेट कर सकते हैं। युद्ध में ड्रोन स्वार्म्स और लो-कॉस्ट अटैक अब नई रियलिटी बन गए हैं—और US-इजरायल अभी पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहे।

क्या ये ड्रोन वाकई “नो काउंटर” हैं? या जल्द कोई नया हथियार (जैसे लेजर) आएगा? कमेंट में अपनी राय बताएं!

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