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​बंगाल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट: मुख्य सचिव का सख्त आदेश— ‘गायब या नष्ट न हों सरकारी फाइलें’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में भाजपा की संभावित जीत और सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच राज्य प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। यहाँ इस घटनाक्रम पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट है:

​बंगाल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट: मुख्य सचिव का सख्त आदेश— ‘गायब या नष्ट न हों सरकारी फाइलें’

​कोलकाता | 4 मई, 2026

​पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिले स्पष्ट बहुमत के बाद राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। टीएमसी सरकार की संभावित विदाई को देखते हुए राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है।

​फाइलों की सुरक्षा के लिए ‘रेड अलर्ट’

​मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों (HODs) को लिखित निर्देश जारी कर कहा है कि वे अपने विभागों के रिकॉर्ड और फाइलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

​रिकॉर्ड की सुरक्षा: किसी भी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज या फाइल को कार्यालय से हटाया, क्षतिग्रस्त या बाहर नहीं ले जाया जाना चाहिए।

​अवैध कॉपी पर रोक: फाइलों या कागजों का बिना अनुमति के फोटोकॉपी या स्कैनिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

​व्यक्तिगत जिम्मेदारी: यदि किसी विभाग से फाइलें गायब होती हैं या नष्ट की जाती हैं, तो संबंधित विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

​डिजिटल सुरक्षा: सभी ई-फाइलों और डिजिटल कम्युनिकेशंस को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

​क्यों अहम है यह आदेश?

​यह आदेश ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने अपने चुनावी अभियान में बार-बार यह कहा था कि सरकार बनने के बाद टीएमसी शासन के दौरान हुए कथित घोटालों की जाँच कराई जाएगी।

​घोटालों की जाँच का डर: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के समय अक्सर महत्वपूर्ण फाइलें ‘गायब’ कर दी जाती हैं ताकि भविष्य की जाँच से बचा जा सके।

​राज्यपाल का हस्तक्षेप: सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव ने यह आदेश राज्यपाल आर.एन. रवि के निर्देश पर जारी किया है, जिन्होंने प्रशासन को सरकारी दस्तावेजों की शुचिता बनाए रखने को कहा था।

​सचिवालय पर पहरा: आदेश जारी होने के तुरंत बाद राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों (जैसे विकास भवन और जलसंपद भवन) के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।

​कौन हैं दुष्यंत नारियाला?

​दुष्यंत नारियाला 1993 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के IAS अधिकारी हैं। चुनाव आयोग ने चुनाव से ठीक पहले 16 मार्च 2026 को उन्हें राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया था। पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने और संक्रमण काल (Transition Period) में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।

​चुनावी स्थिति: बहुमत के पार बीजेपी

​शाम तक के रुझानों और परिणामों के अनुसार, भाजपा 294 सीटों में से 200 का आंकड़ा पार करती दिख रही है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (148) से काफी आगे है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी 85-90 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है।

​प्रशासनिक संदेश: “यह आदेश स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन अब नई सरकार के स्वागत और पुरानी फाइलों के ऑडिट के लिए तैयार हो रहा है।”

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