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बड़ा मंगल: संकटमोचन की भक्ति में डूबे भक्त; जीवन की खुशहाली के लिए आज जरूर करें ये अचूक उपाय

बड़ा मंगल: संकटमोचन की भक्ति में डूबे भक्त; जीवन की खुशहाली के लिए आज जरूर करें ये अचूक उपाय

​विशेष रिपोर्ट: ज्येष्ठ माह के मंगलवार का अद्भुत संयोग, हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उमड़ा जनसैलाब

ज्येष्ठ मास के पावन मंगलवार, जिसे लोकभाषा में ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है, आज पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इसी दिन त्रेतायुग में हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्री राम से हुई थी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज के दिन किए गए विशेष उपाय और पूजा-अर्चना से भक्तों के सभी प्रकार के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों का अंत होता है।

​संकटों को हर लेंगे ये आसान उपाय

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़ा मंगल के दिन कुछ सरल ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं:

​आर्थिक बाधा दूर करने के लिए: आज के दिन पीपल के 11 पत्तों को साफ कर उन पर चंदन से ‘श्री राम’ लिखें और उनकी माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। इससे धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।

​मनोकामना पूर्ति हेतु: बजरंगबली को चमेली का तेल और सिंदूर का चोला अर्पित करें। साथ ही, उन्हें बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं।

​नकारात्मकता से मुक्ति: शाम के समय मंदिर में सरसों या चमेली के तेल का दीपक जलाकर ‘हनुमान बाहुक’ या ‘बजरंग बाण’ का पाठ करें। इससे शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

​कर्ज से राहत: बड़ा मंगल के दिन लाल रंग के वस्त्र, तांबा या मसूर की दाल का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

​भंडारों और छबील की धूम

​बड़ा मंगल के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। जगह-जगह राहगीरों के लिए ठंडे शरबत और पानी की ‘छबील’ लगाई गई है। राजधानी लखनऊ में तो बड़ा मंगल एक उत्सव की तरह मनाया जाता है, जहाँ हर गली और चौराहे पर ‘जय हनुमान’ के जयकारों के साथ प्रसाद वितरण हो रहा है।

​शुभ मुहूर्त और सावधानी

​आज पूजा के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। विद्वानों का कहना है कि हनुमान जी की पूजा में सात्विकता का विशेष महत्व है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे आज के दिन पूर्णतः ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से दूर रहें।

​आध्यात्मिक संदेश: “हनुमान जी भाव के भूखे हैं। यदि कोई भक्त सच्चे मन से आज केवल ‘राम’ नाम का जाप भी करता है, तो संकटमोचन उसके सभी विघ्न हर लेते हैं।”

​संपादकीय विशेष: बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सेवा और दान की महान परंपरा का प्रतीक भी है। प्यासे को पानी और भूखे को भोजन कराना ही आज के दिन की सबसे बड़ी पूजा है।

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