राजनीति

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: पांच राज्यों का पूर्ण विश्लेषण

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: पांच राज्यों का पूर्ण विश्लेषण

​देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव परिणाम आज घोषित हो गए। चुनावी नतीजों में सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला। बंगाल की सत्ता पर काबिज TMC को शिकस्त देकर BJP ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं, दूसरी ओर तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय की पार्टी ने ऐतिहासिक शुरुआत करते हुए स्थापित द्रविड़ राजनीति को कड़ी चुनौती दी है। केरल में सत्ता परिवर्तन की परंपरा कायम रही, जबकि असम और पुडुचेरी में मतदाताओं ने बीजेपी की विकास नीति पर मुहर लगाई है।

​1. पश्चिम बंगाल: ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन

​कुल सीटें: पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। बहुमत के लिए 148 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए होता है।

​सीधा मुकाबला: बंगाल में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी TMC (तृणमूल कांग्रेस) और मुख्य विपक्षी दल BJP (भारतीय जनता पार्टी) के बीच रहा। भाजपा ने ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को चुनौती दी, जबकि TMC ने बंगाली अस्मिता और कल्याणकारी योजनाओं पर दांव लगाया।

​ममता बनर्जी का कार्यकाल: ममता बनर्जी पिछले 15 वर्षों से लगातार सत्ता में थीं। उन्होंने 20 मई 2011 को वामपंथ के 34 साल पुराने शासन को खत्म किया था, लेकिन 2026 के नतीजों ने उनके इस कार्यकाल पर विराम लगा दिया।

​चुनावी नतीजे: भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 204 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। वहीं, ममता बनर्जी की TMC 83 सीटों पर सिमट गई है।

​2. असम: ‘डबल इंजन’ सरकार पर फिर भरोसा

​कुल सीटें: असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, जहाँ बहुमत का आंकड़ा 64 है।

​सीधा मुकाबला: यहाँ मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ NDA (भाजपा गठबंधन) और कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच था।

​मुख्यमंत्री: चुनाव से पहले हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री थे, जो 10 मई 2021 से पद पर थे।

​नतीजे: असम में सत्ता नहीं बदली है। मतदाताओं ने विकास कार्यों पर भरोसा जताते हुए BJP को लगातार तीसरी बार जीत दिलाई है। 2016 से शुरू हुआ भाजपा का शासन यहाँ बरकरार है।

​3. केरल: 10 साल बाद फिर बदलाव

​कुल सीटें: केरल विधानसभा में 140 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 71 सीटों की आवश्यकता होती है।

​सीधा मुकाबला: मुकाबला दो बड़े गठबंधनों—कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF और सीपीआई-एम के नेतृत्व वाले LDF के बीच था।

​मुख्यमंत्री: चुनाव से पहले पिनाराई विजयन (LDF) मुख्यमंत्री थे, जो 2016 से लगातार दो कार्यकालों से सत्ता में थे।

​नतीजे और सत्ता परिवर्तन: केरल में 10 साल बाद सत्ता बदली है। 2021 में विजयन ने 40 साल पुराने ‘हर 5 साल में सरकार बदलने’ के रिवाज को तोड़ा था, लेकिन 2026 में जनता ने फिर से बदलाव चुनते हुए UDF (कांग्रेस गठबंधन) को बहुमत दिया है।

​4. तमिलनाडु: ‘थलापति’ विजय का ऐतिहासिक उदय

​कुल सीटें: तमिलनाडु में कुल 234 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 118 है।

​त्रिकोणीय मुकाबला: इस बार मुकाबला पारंपरिक DMK और AIADMK के बजाय त्रिकोणीय रहा। अभिनेता से नेता बने ‘थलापति’ विजय की नई पार्टी ने चुनावी गणित को पूरी तरह बदल दिया।

​मुख्यमंत्री की हार: चुनाव से पहले एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री थे, जिन्हें अपनी कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा।

​नतीजे: विजय की पार्टी TVK ने सबको चौंकाते हुए 109 सीटें जीतीं और सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। तमिलनाडु में 5 साल बाद सत्ता बदली है और दशकों पुराने द्रविड़ प्रभुत्व को पहली बार किसी तीसरी शक्ति ने कड़ी चुनौती दी है।

​5. पुडुचेरी: रंगास्वामी की सत्ता बरकरार

​कुल सीटें: पुडुचेरी में प्रत्यक्ष चुनाव की 30 सीटें हैं। बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए।

​सीधा मुकाबला: मुख्य मुकाबला NDA (AINRC + BJP), कांग्रेस-डीएमके गठबंधन और अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK के बीच था।

​मुख्यमंत्री: चुनाव से पहले एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री थे।

​नतीजे: पुडुचेरी में सत्ता नहीं बदली है। NDA गठबंधन ने फिर से बहुमत हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री रंगास्वामी ने अपनी सत्ता बरकरार रखते हुए एक बार फिर जनता का विश्वास जीता है।

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