मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के संकेत: ईरान ने UAE पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन, तेल संयंत्र में लगी भीषण आग
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के संकेत: ईरान ने UAE पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन, तेल संयंत्र में लगी भीषण आग
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर; ट्रंप की पहल के जवाब में ईरान का घातक पलटवार, यूएई के तट पर जहाजों में लगी आग
दुबई/फुजैराह। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के बीच जारी नाजुक संघर्ष विराम सोमवार को उस वक्त टूट गया, जब ईरान ने यूएई के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर बड़ा हमला बोल दिया। यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने क्रूज मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स के जरिए यूएई को निशाना बनाया है। यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के प्रयास कर रहे हैं।
हमले का विवरण: आसमान से बरसीं मिसाइलें
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक:
क्रूज मिसाइल हमला: ईरान ने कुल चार क्रूज मिसाइलें दागीं। इनमें से तीन को यूएई की एयर डिफेंस प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया, जबकि एक मिसाइल समुद्र में जा गिरी।
तेल संयंत्र पर ड्रोन हमला: पूर्वी अमीरात फुजैराह (Fujairah) के एक महत्वपूर्ण तेल संयंत्र पर ईरानी ड्रोन ने सटीक निशाना साधा, जिससे वहां भीषण आग लग गई। नागरिक सुरक्षा दल मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
समुद्री हमला: ब्रिटिश सेना ने पुष्टि की है कि यूएई के तट पर दो मालवाहक जहाजों में आग लग गई है। इससे पहले रविवार रात भी एक तेल टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया गया था।
मिसाइल अलर्ट से दहला शहर
सोमवार को यूएई के नागरिकों के फोन पर आए एक सरकारी अलर्ट ने सनसनी फैला दी। अलर्ट में लिखा था— “संभावित मिसाइल खतरे को देखते हुए, तुरंत निकटतम सुरक्षित इमारत में शरण लें।” हालांकि, कुछ मिनटों बाद स्थिति को सुरक्षित बताते हुए अलर्ट वापस ले लिया गया, लेकिन उसके तुरंत बाद हमलों की खबरें आनी शुरू हो गई थीं।
क्यों अहम है फुजैराह और होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील रास्ता है। ईरान ने इसे लंबे समय से अवरुद्ध कर रखा है। फुजैराह यूएई की उस पाइपलाइन का टर्मिनल है, जिसका उपयोग वह होर्मुज के रास्ते से बचकर तेल निर्यात करने के लिए करता है। सोमवार को जब अमेरिका के दो व्यापारिक जहाज इस रास्ते से सफलतापूर्वक गुजरे, तो इसे ईरान के लिए एक बड़ी चुनौती माना गया, जिसके जवाब में ये हमले किए गए।
ईरान का अब तक का सबसे बड़ा टारगेट बना यूएई
आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से 8 अप्रैल तक चले संघर्ष विराम से पहले ईरान यूएई पर 2,800 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दाग चुका है। तेहरान के जवाबी हमलों की सूची में संयुक्त अरब अमीरात सबसे ऊपर रहा है।
वर्तमान स्थिति: ईरान की ओर से फिलहाल इन हमलों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आहट से वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
बड़ी बात: यह हमला न केवल सुरक्षा समझौता तोड़ता है, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य को मुक्त कराने के प्रयासों को भी सीधा झटका देता है।
