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अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले – खैबर पख्तूनख्वा में धमाके, ड्रोन और ग्राउंड अटैक!

नई जंग की आहट! अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले – खैबर पख्तूनख्वा में धमाके, ड्रोन और ग्राउंड अटैक!

इस्लामाबाद/काबुल: मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध की आग अभी ठंडी नहीं हुई कि अब अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर भी बड़ा संघर्ष भड़क उठा है! तालिबान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में पाकिस्तानी सेना के कई सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं – ड्रोन, ग्राउंड क्लैश और क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग से इलाका युद्धक्षेत्र बन गया है। पाकिस्तान ने इसे “ओपन वॉर” का हिस्सा बताया और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या हुआ हालिया हमलों में?

तालिबान के डिफेंस मिनिस्ट्री और प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि अफगान फोर्सेस ने खैबर, मोहमंद, कुर्रम, बाजौर और अन्य सेक्टर्स में पाकिस्तानी आर्मी पोस्ट्स पर ड्रोन अटैक और ग्राउंड ऑपरेशन किए।

कुछ रिपोर्ट्स में नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी), क्वेटा के 12th कोर हेडक्वार्टर्स और मोहमंद एजेंसी के ख्वाजाई कैंप पर भी हमले का जिक्र है – ये पाकिस्तान के स्ट्रैटेजिक मिलिट्री साइट्स हैं।

तालिबान का दावा: कई पोस्ट्स पर कब्जा, दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, और ड्रोन से “प्रेसिजन स्ट्राइक्स” की गईं।

पाकिस्तान की तरफ से: सेना ने “तत्काल और प्रभावी जवाब” दिया – कई अफगान पोस्ट्स तबाह किए, और TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के साथ मिलकर हमले कर रहे तालिबान को निशाना बनाया। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि 67+ अफगान फाइटर मारे गए।

खास घटना: कंधार एयरपोर्ट के पास काम एयर (Kam Air) के फ्यूल डिपो पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से 1500 टन+ ईंधन तबाह हुआ – ये सिविलियन और UN/ICRC एयरक्राफ्ट को सप्लाई करता था। तालिबान ने इसे “संप्रभुता का उल्लंघन” बताया और जवाबी हमले तेज किए।

क्यों बढ़ रहा है ये संघर्ष?

पाकिस्तान TTP को अफगानिस्तान में शेल्टर देने का आरोप लगाता रहा है – TTP ने पाकिस्तान में कई हमले किए (जैसे बाजौर, बन्नू, इस्लामाबाद)।

फरवरी 2026 से शुरू हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स (नंगरहार, पक्तिका, खोस्त) के जवाब में तालिबान ने फरवरी-अप्रैल 2026 में क्रॉस-बॉर्डर अटैक बढ़ाए।

मार्च 2026 में क्लैशेज चरम पर – पाकिस्तान ने “ओपन वॉर” घोषित किया, जबकि तालिबान ने “डिफेंसिव ऑपरेशन्स” बताया।

बॉर्डर पर ड्यूरंड लाइन विवाद पुराना है – दोनों तरफ से फायरिंग, ड्रोन और ग्राउंड अटैक जारी।

दोनों तरफ से क्या दावे?

तालिबान: “पाकिस्तानी आर्मी ने पहले उकसाया, हमने 19+ पोस्ट्स कैप्चर किए, 55+ सैनिक मारे।”

पाकिस्तान: “तालिबान के हमलों का जवाब दिया, 133+ अफगान फाइटर मारे, कई पोस्ट्स तबाह।”

दोनों तरफ कैजुअल्टी के आंकड़े अलग-अलग – इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन मुश्किल।

भारत पर क्या असर?

भारत ने दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव पर गहरी चिंता जताई और शांति की अपील की।

अगर संघर्ष बढ़ा तो क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी – ट्रेड रूट्स (चाबहार पोर्ट), अफगानिस्तान में भारतीय प्रोजेक्ट्स और सीमा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

MEA ने कहा: “हम डायलॉग और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं।”

ये संघर्ष अब “ओपन वॉर” की कगार पर है – अगर ड्रोन और एयरस्ट्राइक्स जारी रहे तो बड़ा युद्ध फैल सकता है। क्या आपको लगता है ये TTP की वजह से है या पुराना बॉर्डर विवाद? कमेंट में बताएं।

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