राष्ट्रीय

धांधली पर चला इलेक्शन कमीशन का हंटर: पश्चिम बंगाल के 15 केंद्रों पर कल फिर होगा पुनर्मतदान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान हुई धांधली और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग (ECI) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 15 मतदान केंद्रों पर कल (2 मई) को फिर से मतदान (री-पोलिंग) कराने का फैसला लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के 142-मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 11 बूथों और 143-डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 4 बूथों पर री-पोलिंग होगी। इन बूथों पर ईवीएम मशीनों पर ब्लैक या व्हाइट टेप लगाकर छेड़छाड़ करने, वेबकास्ट फुटेज गायब होने और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि शिकायतों की प्रारंभिक जांच के बाद इन चुनिंदा बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ईवीएम से छेड़छाड़ या किसी भी तरह की गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और प्रभावित बूथों पर री-पोलिंग अनिवार्य होगी।

राजनीतिक दलों ने इन बूथों पर भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया था। भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों ने 77 बूथों पर री-पोलिंग की मांग की थी, जिसमें फाल्टा, मगराहाट और डायमंड हार्बर क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव आयोग अभी इन सभी शिकायतों की जांच कर रहा है और यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां पाई गईं तो पूरे क्षेत्र में री-पोलिंग का फैसला भी लिया जा सकता है।

री-पोलिंग कल सुबह से शाम तक सामान्य मतदान की तरह होगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इस प्रक्रिया की जानकारी दी जा चुकी है।

चुनाव आयोग ने साफ संदेश दिया है कि लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाकी चरणों और परिणामों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ सकता है।

अधिक जानकारी के लिए अपडेट होते रहें।

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