महाकाल मंदिर में पुरातत्व का चमत्कार: खुदाई के दौरान प्रकट हुआ 11वीं शताब्दी का दुर्लभ प्राचीन शिवलिंग
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण कार्य के दौरान चल रही खुदाई में एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज हुई है। पुरातत्व विभाग की टीम को 11वीं शताब्दी का प्राचीन शिवलिंग मिला है, जो परमार काल से जुड़ा माना जा रहा है।
मंदिर परिसर में सिम्हस्था 2028 की तैयारियों के तहत हो रहे निर्माण और विस्तार कार्य के दौरान यह शिवलिंग निकला। खुदाई में पहले भी 11वीं-12वीं शताब्दी के मंदिर के अवशेष, स्तंभ खंड, शिखर के हिस्से और अन्य वास्तु खंड मिल चुके हैं। अब इस नए शिवलिंग की खोज ने इतिहासकारों और भक्तों में उत्साह बढ़ा दिया है।
पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, यह शिवलिंग लगभग 1000 वर्ष पुराना है। पहले मिले परमारकालीन मंदिर के ढांचे से यह थोड़ा अलग शैली का हो सकता है। कुछ रिपोर्टों में इसे 9वीं-10वीं शताब्दी का भी बताया गया है, लेकिन ज्यादातर स्रोत इसे 11वीं शताब्दी का मानते हैं। शिवलिंग को सुरक्षित रखा गया है और आगे की खुदाई पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में जारी रहेगी।
महाकाल मंदिर परिसर में पहले भी प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले थे, जिन्हें मुगल या अन्य आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का अनुमान लगाया जाता है। इन खोजों से उज्जैन की प्राचीन धार्मिक और वास्तुशिल्प विरासत और उजागर हो रही है।
मंदिर प्रशासन और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मिले अवशेषों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। यदि संभव हुआ तो प्राचीन शिवालय को पुनः आकार देने की योजना भी बनाई जा सकती है। भक्तों में इस खोज को भगवान महाकाल की कृपा माना जा रहा है।
