राष्ट्रीय

चारधाम यात्रा का महाकुंभ: 12 दिनों में 5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 25 लाख के पार

चारधाम यात्रा का महाकुंभ: 12 दिनों में 5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 25 लाख के पार

​उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्रा शुरू हुए अभी महज 12 दिन हुए हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था का सैलाब पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ने की दिशा में बढ़ रहा है। शासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 अप्रैल तक चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 25.76 लाख को पार कर गई है।

​केदारनाथ और बदरीनाथ के प्रति भारी दीवानगी

​पंजीकरण के आंकड़ों को देखें तो बाबा केदार के प्रति भक्तों में सबसे ज्यादा आकर्षण देखा जा रहा है। धामवार रजिस्ट्रेशन की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

​केदारनाथ धाम: 9,09,432 पंजीकरण (सर्वाधिक)

​बदरीनाथ धाम: 7,63,564 पंजीकरण

​गंगोत्री धाम: 4,43,387 पंजीकरण

​यमुनोत्री धाम: 4,28,866 पंजीकरण

​दिलचस्प बात यह है कि हेमकुंड साहिब की यात्रा 23 मई से शुरू होनी प्रस्तावित है, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही 30,900 तीर्थयात्री अपना स्लॉट बुक करवा चुके हैं।

​अब तक 5 लाख श्रद्धालु टेक चुके हैं माथा

​19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक लगभग 5 लाख श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। आज, 1 मई को यात्रा का 13वां दिन है और सभी धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खुले हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि जिस गति से रजिस्ट्रेशन बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होगी।

​ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश-हरिद्वार में कतारें

​ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का क्रेज भी श्रद्धालुओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। 30 अप्रैल को ही 5,337 लोगों ने ऑफलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण कराया।

​ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप: 2,463 रजिस्ट्रेशन

​हरिद्वार काउंटर: 2,486 रजिस्ट्रेशन

​प्रशासन ने ऋषिकेश और हरिद्वार में विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

​प्रशासन की तैयारी और अपील

​उत्तराखंड शासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी बारी आने पर ही यात्रा पर निकलें और पंजीकरण पत्र साथ रखें। भीड़ को देखते हुए केदारनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है ताकि बढ़ती भीड़ और बदलते मौसम के बीच श्रद्धालु सुरक्षित रहें।

​विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार रही, तो इस साल की चारधाम यात्रा उत्तराखंड के इतिहास में सबसे अधिक पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के आगमन का नया कीर्तिमान रचेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *