Thursday, September 10, 2026
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प्रशासन की लापरवाही या क्रूज संचालक की मनमानी? जबलपुर हादसे ने खोली सुरक्षा दावों की पोल; 9 मौतों के बाद अब शुरू हुआ ‘सवालों’ का सिलसिला

जबलपुर, 1 मई 2026: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी डैम (नर्मदा नदी के बैकवाटर) में गुरुवार (30 अप्रैल) शाम को हुए क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अभी भी लापता हैं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यात्री संख्या की सटीक गिनती को लेकर उठ रहा है।

हादसे का विवरण

क्रूज में आधिकारिक रूप से 29 टिकट जारी किए गए थे (कुछ रिपोर्ट्स में 30-35 यात्री बताए जा रहे हैं)।

अचानक तेज आंधी और तेज हवाओं के कारण क्रूज संतुलन खो बैठा और पलट गया।

अब तक 22 लोगों को बचा लिया गया है।

9 शव बरामद किए जा चुके हैं (कुछ रिपोर्ट्स में पहले 4-6 बताए गए थे, अब संख्या बढ़कर 9 हो गई है)।

8-15 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। SDRF, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर और आज भी जारी है।

गंभीर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

बिना टिकट यात्री: प्रत्यक्षदर्शियों और बचावकर्ताओं के अनुसार, 11 लोग बिना टिकट सवार थे। इससे कुल यात्री संख्या सटीक पता नहीं चल पा रही है।

बच्चों की गिनती नहीं: कई परिवारों में छोटे बच्चों (5, 7, 9 साल आदि) को अलग से टिकट नहीं लिया गया था। इसलिए आधिकारिक रिकॉर्ड में बच्चों की संख्या दर्ज नहीं थी। इससे लापता लोगों की सही संख्या तय करना मुश्किल हो गया है।

लाइफ जैकेट नहीं पहनी: ज्यादातर यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। हादसे के समय क्रूज स्टाफ ने जैकेट बाद में दी, जो पर्याप्त नहीं थी।

मौसम की अनदेखी: तेज आंधी की चेतावनी के बावजूद क्रूज को रवाना किया गया या नहीं, इसकी जांच हो रही है।

दर्दनाक घटनाएं

एक मां और उसका 4 साल का बच्चा क्रूज के अंदर फंसे हुए मिले। दोनों के शव एक-दूसरे से चिपके हुए बरामद हुए।

दिल्ली और तमिलनाडु के परिवारों के सदस्य हादसे का शिकार हुए।

एक बच्ची ने बताया — “मैंने पापा का हाथ पकड़ा, मम्मी-भाई लापता, नानी की मौत हो गई।”

प्रशासनिक कार्रवाई

मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है।

पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्रूज संचालन करने वाली एजेंसी (मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग से जुड़ी) पर लापरवाही का आरोप लग रहा है।

मुख्य मंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए तत्काल बचाव कार्यों के निर्देश दिए।

अपडेट (1 मई 2026, दोपहर तक):

रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। लापता लोगों की तलाश टॉर्च और डाइविंग टीमों की मदद से की जा रही है। मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

यह हादसा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों, यात्री गिनती, लाइफ जैकेट अनिवार्यता और मौसम चेतावनी प्रणाली की कमियों को फिर से उजागर कर रहा है।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए स्थानीय प्रशासन या आधिकारिक समाचार स्रोतों पर नजर रखें।

 

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