अमेरिका और ईरान के बीच आज की 10 बड़ी खबरें
अमेरिका और ईरान के बीच आज (1 मई 2026) की 10 बड़ी खबरें
दोनों देशों के बीच fragile ceasefire (नाजुक युद्धविराम) जारी है, लेकिन तनाव बरकरार है। युद्ध फरवरी 2026 में शुरू हुआ था और अप्रैल में ceasefire हुआ।
1. ईरान के हमलों से अमेरिका के ज्यादातर मध्य पूर्व सैन्य अड्डे क्षतिग्रस्त
एक जांच में खुलासा हुआ कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में अमेरिका के मध्य पूर्व में स्थित कम से कम 16 सैन्य अड्डे क्षतिग्रस्त हो गए। ये क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों का बहुमत हैं, जिनमें हाई-वैल्यू टारगेट शामिल हैं। इससे अमेरिका के क्षेत्रीय फुटप्रिंट पर सवाल उठ रहे हैं।
2. ट्रंप प्रशासन ने ईरान युद्ध को ‘समाप्त’ घोषित किया
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध प्रयास ‘TERMINATED’ (समाप्त) हो गए हैं। यह कांग्रेस को 60 दिनों की समयसीमा से पहले किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रपति को आगे की कार्रवाई के लिए मंजूरी लेनी पड़ती है। स्पीकर जॉनसन ने भी कहा कि अमेरिका अब ईरान से ‘युद्ध में नहीं’ है।
3. ट्रंप बोले- नाकेबंदी का ‘इनक्रेडिबल’ असर, ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा रही
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को ‘शक्तिशाली और अद्भुत’ बताया। उन्होंने दावा किया कि इससे ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से गिर रही है। साथ ही गैस कीमतें कम करने का वादा भी किया।
4. 60 दिन का वॉर पावर्स डेडलाइन पूरा, कांग्रेस में बहस
आज 60 दिन पूरे हो गए जब ट्रंप ने कांग्रेस को ईरान पर हमलों की सूचना दी थी। वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के तहत युद्ध समाप्त करने या कांग्रेस से मंजूरी लेने की जरूरत थी। रिपब्लिकन सीनेटर्स ने युद्ध को रोकने वाले प्रस्ताव को ब्लॉक कर दिया। प्रशासन का तर्क है कि ceasefire के कारण घड़ी रुक गई है।
5. ईरान का नया प्रस्ताव: हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने और युद्ध समाप्त करने की बात
ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को नया प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने पर जोर है। परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को बाद के लिए टालने का सुझाव है। व्हाइट हाउस इसे जांच रहा है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी तब तक नहीं हटेगी जब तक डील न हो जाए।
6. ट्रंप ने ईरान पर दोबारा हमले की संभावना जताई
ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर जरूरी हुआ तो ईरान के साथ युद्ध फिर शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान डील चाहता है लेकिन उसके नेता स्पष्ट नहीं हैं। साथ ही ‘स्टॉर्म इज कमिंग’ (तूफान आने वाला है) जैसे संदेश भी दिए। ईरान ने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम की रक्षा करने का संकल्प दोहराया।
7. हॉर्मुज स्ट्रेट में डुअल ब्लॉकेड जारी, तेल की कीमतें प्रभावित
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों को ब्लॉक कर रहा है, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में शिपिंग पर पाबंदियां लगा रखी हैं। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ट्रंप ने इसे ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ भी कहा। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर हमला हुआ तो खाड़ी देशों के शासकों के महलों तक को निशाना बनाया जा सकता है।
8. ईरान की धमकी: अमेरिकी दबाव का डटकर मुकाबला
ईरान ने अमेरिकी दबाव को चुनौती देते हुए कहा कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम की रक्षा करेगा। तेहरान ने अमेरिका पर ‘समुद्री डकैती’ का आरोप लगाया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। एक ईरानी सांसद ने कहा कि अगर शीर्ष नेतृत्व पर हमला हुआ तो अरब शासकों के महल जलाए जा सकते हैं।
9. अमेरिका इजरायल को हथियार भेज रहा, नए हमलों की तैयारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने इजरायल को 6500 टन हथियार भेजे हैं। CENTCOM कमांडर से ट्रंप को ईरान पर नए हमलों के प्लान का ब्रिफिंग मिल रही है। हालांकि प्रशासन युद्ध समाप्त करने का दावा कर रहा है।
10. वैश्विक प्रतिक्रियाएं और आर्थिक प्रभाव
युद्ध और नाकेबंदी से तेल की कीमतों में उछाल आया है। अमेरिका में गैस कीमतें कम करने का ट्रंप वादा कर रहे हैं। कई देश हॉर्मुज में ‘मारिटाइम फ्रीडम’ कोअलिशन बनाने की बात कर रहे हैं। ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है, लेकिन तेहरान डिफाइंस मोड में है।
नोट: स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। ceasefire नाजुक है और सीधे बातचीत अभी नहीं हो पाई है। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में है। आगे की अपडेट के लिए विश्वसनीय न्यूज सोर्स चेक करें।
