लिवर को धीमे-धीमे सड़ा देती हैं ये 3 चीजें, एक तो रोज खाते हैं आप
लिवर को धीमे-धीमे सड़ा देती हैं ये 3 चीजें, एक तो रोज खाते हैं आप
नई दिल्ली: लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करने, पाचन में मदद करने और ऊर्जा संग्रहण का काम करता है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण लिवर धीरे-धीरे खराब हो जाता है, जिससे फैटी लिवर, सिरोसिस और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आम चीजें हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचाती हैं, और आश्चर्यजनक रूप से इनमें से एक ऐसी चीज है जो ज्यादातर लोग रोजाना खाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 20% से अधिक वयस्कों को लिवर संबंधी समस्याएं हैं, जो मुख्य रूप से इन आदतों के कारण हैं। आइए जानते हैं इन तीन चीजों के बारे में, जो लिवर को धीमे-धीमे सड़ा देती हैं।
पहली और सबसे आम चीज है अत्यधिक चीनी का सेवन, जो रोजाना खाई जाती है। सोडा, मिठाई, प्रोसेस्ड फूड्स और फलियों में छिपी चीनी लिवर में फैट जमा कर देती है, जिससे नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) हो जाता है। एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना 50 ग्राम से अधिक चीनी लेने से लिवर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चीनी की मात्रा 25 ग्राम से कम रखें।
दूसरी चीज है शराब का सेवन। हालांकि हर कोई रोज नहीं पीता, लेकिन नियमित या अत्यधिक शराब लिवर को सीधे नुकसान पहुंचाती है। यह लिवर की कोशिकाओं को मार देती है और सिरोसिस का कारण बनती है। अमेरिकन लिवर फाउंडेशन के अनुसार, पुरुषों के लिए सप्ताह में 14 यूनिट से अधिक और महिलाओं के लिए 7 यूनिट शराब घातक है। भारत में शराब से जुड़ी लिवर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
तीसरी चीज है प्रोसेस्ड और फास्ट फूड, जैसे चिप्स, बर्गर और पैकेज्ड स्नैक्स, जो ट्रांस फैट और नमक से भरे होते हैं। ये लिवर में सूजन पैदा करते हैं और फैट संचय को बढ़ावा देते हैं। एक रिसर्च में पाया गया कि रोजाना फास्ट फूड खाने से लिवर फंक्शन 30% तक कमजोर हो जाता है। इसके अलावा, निष्क्रिय जीवनशैली और दवाओं का अधिक उपयोग भी लिवर को प्रभावित करता है।
डॉक्टरों का कहना है कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार लें, व्यायाम करें और नियमित चेकअप करवाएं। अगर आपको थकान, पेट दर्द या पीली त्वचा जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जागरूकता से ही हम लिवर को बचा सकते हैं। याद रखें, रोकथाम ही सबसे अच्छा इलाज है।
