पीएम मोदी ने पहली ”Made in India” विक्रम चिप को किया अनवील
भारत में सेमीकॉन्डक्टर क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पहला ‘मेड इन भारत’ चिप अनवील किया। इस चिप का नाम ‘विक्रम’ रखा गया है, जो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रसिद्ध विक्रम लैंडर को समर्पित है। यह चिप गुजरात के धोलेरा में स्थापित भारत का पहला सेमीकॉन्डक्टर प्लांट से निकली है, जो टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा के सहयोग से बनाया गया। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस चिप का उद्घाटन किया और कहा कि यह भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि ‘विक्रम’ चिप मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए इस्तेमाल होगी, और यह पूरी तरह भारतीय तकनीक पर आधारित है।
यह चिप 5 नैनोमीटर तकनीक पर बनी है, जो विश्व स्तर की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारत चिप आयात पर निर्भर था, लेकिन अब हम खुद चिप बना रहे हैं। यह प्लांट 27,000 करोड़ रुपये की लागत से बना है और इसमें 50,000 से ज्यादा चिप्स प्रति माह उत्पादन क्षमता है। अनवील समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सरकार की सेमीकॉन्डक्टर मिशन स्कीम के तहत यह संभव हुआ, जिसमें 76,000 करोड़ रुपये का निवेश है। ‘विक्रम’ चिप में भारतीय इंजीनियरों की मेहनत झलकती है, और यह चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से प्रेरित है। पीएम मोदी ने युवा उद्यमियों और वैज्ञानिकों को बधाई दी और कहा कि आने वाले वर्षों में भारत चिप निर्यातक बनेगा।
इस अनवील से शेयर बाजार में टाटा ग्रुप के स्टॉक में उछाल आया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चिप 5जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और एआई क्षेत्र को मजबूत करेगी। हालांकि, कुछ आलोचक कहते हैं कि उत्पादन बढ़ाने में अभी समय लगेगा। कुल मिलाकर, ‘विक्रम’ चिप भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार ने अन्य राज्यों में भी ऐसे प्लांट लगाने की योजना बनाई है। यह घटना राष्ट्रीय गौरव का विषय बनी हुई है।
