नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह बन गए, वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर बोले तेजस्वी यादव
पटना, 1 सितंबर 2025: बिहार की राजनीति में एक बार फिर तलवारें भांजी गईं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह” करार दिया। यह हमला कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के पटना रैली के दौरान किया गया, जहां तेजस्वी ने नीतीश सरकार की कथित अनियमितताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार भ्रष्टाचार की जड़ बन चुकी है और राज्य में लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है।
तेजस्वी ने हाल ही में एक इंजीनियर के घर से नकदी की बरामदगी का जिक्र करते हुए कहा, “नीतीश कुमार नैतिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह बन गए हैं। बिहार की धरती लोकतंत्र की जननी है, लेकिन दो भाजपाई नेता (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह) निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।” उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान कथित भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया, जहां आवासीय और जाति प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर हजारों करोड़ का काला धन इकट्ठा किया गया। तेजस्वी ने दावा किया कि एक इंजीनियर के घर से 10 करोड़ के नोट जलाने की कोशिश की गई, जो नालियों में फंस गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियरों की संपत्ति करोड़ों में है, जो सरकार की मिलीभगत से संभव है।
यह हमला ऐसे समय आया जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। तेजस्वी ने नीतीश को “डुप्लीकेट सीएम” भी कहा और आरोप लगाया कि वे चेतना में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “लोग आगामी चुनाव में इस सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगे।” तेजस्वी ने पहले भी नीतीश पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए हैं, जैसे पुलों के गिरने और सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं। उन्होंने दावा किया कि “डीके टैक्स” (एक वरिष्ठ नौकरशाह का संकेत) के जरिए ब्लॉक और थाना स्तर पर रिश्वतखोरी चरम पर है।
नीतीश कुमार की जद(यू) ने अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन बीजेपी ने इसे महागठबंधन का हताशा भरा प्रयास बताया। बीजेपी नेता ने कहा, “तेजस्वी खुद भ्रष्टाचार के आरोपी हैं, वे दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला RJD की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जहां भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर फोकस किया जा रहा है। बिहार में हाल के महीनों में कई इंजीनियरों पर छापेमारी हुई है, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमले का मौका मिला है।
तेजस्वी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और बिहार की सियासत को और गर्म कर रही है। विपक्ष का कहना है कि नीतीश सरकार ने विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज हो सकता है।
