अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को बताया गैरकानूनी, राष्ट्रपति ने कहा- ‘ये फैसला देश को बर्बाद कर देगा’
अमेरिकी अपील कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े-बड़े टैरिफ प्लान को गैरकानूनी करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) नाम के कानून का गलत इस्तेमाल किया है। ये कानून राष्ट्रपति को आपात स्थिति में कुछ अधिकार देता है, लेकिन टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं। कोर्ट ने 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप के ज्यादातर टैरिफ अवैध हैं।
ट्रंप ने अप्रैल 2025 में ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ की घोषणा की थी, जिसमें लगभग सभी देशों से आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाया गया। कुछ देशों पर तो 50% तक टैक्स बढ़ा दिया गया, जैसे चीन, भारत, ब्राजील आदि। ये टैरिफ ट्रेड डेफिसिट को राष्ट्रीय आपातकाल बताकर लगाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि ये टैरिफ अनलिमिटेड हैं और कांग्रेस के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
ट्रंप ने फेंटेनिल ड्रग्स की तस्करी रोकने के नाम पर कनाडा, मैक्सिको और चीन पर भी अलग टैरिफ लगाए थे। कोर्ट ने इन्हें भी गलत बताया। हालांकि, स्टील, एल्युमिनियम और कारों जैसे कुछ खास टैरिफ पर ये फैसला लागू नहीं होता, क्योंकि वे दूसरे कानूनों के तहत हैं।
फैसले के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं! ये हाईली पार्टिसन अपील कोर्ट गलत है, लेकिन अमेरिका अंत में जीतेगा। अगर ये टैरिफ हट गए, तो देश पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।” व्हाइट हाउस ने भी कहा कि ट्रंप ने कानूनी तरीके से टैरिफ लगाए थे और वे सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। कोर्ट ने फैसले को अक्टूबर 14 तक स्थगित कर दिया है, ताकि अपील हो सके।
ये टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भारी पड़े हैं। हर घर पर औसतन 1,300 डॉलर का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। मार्केट में उतार-चढ़ाव आया है और छोटे बिजनेस प्रभावित हुए हैं। कई राज्य और कंपनियां कोर्ट गईं थीं, जिन्होंने जीत हासिल की। अब मामला सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, जहां ट्रंप की किस्मत तय होगी।
