दुबई से 20 करोड़ की फंडिंग, नीतू के नाम संपत्ति: छांगुर बाबा को ED का झटका, 13 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच
दुबई से 20 करोड़ की फंडिंग, नीतू के नाम संपत्ति: छांगुर बाबा को ED का झटका, 13 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन शाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने छांगुर बाबा और उनके सहयोगियों की 13.02 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। ये संपत्तियां मुख्य रूप से छांगुर के करीबी नीतू रोहरा उर्फ नसरीन के नाम पर खरीदी गई थीं। जांच में खुलासा हुआ कि इन संपत्तियों के लिए दुबई से 20 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध फंडिंग आई थी।
विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण का रैकेट
ED की जांच उत्तर प्रदेश ATS की एक FIR पर आधारित है, जिसमें छांगुर बाबा पर बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करने के आरोप हैं। जांच में पता चला कि छांगुर बाबा ने बलरामपुर की चांद औलिया दरगाह को केंद्र बनाकर एक संगठित नेटवर्क चलाया, जो दलित और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदुओं को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाता था। इस नेटवर्क में देश-विदेश से लोग शामिल थे।
दुबई कनेक्शन और नीतू की भूमिका
ED ने पाया कि छांगुर बाबा ने दुबई में रहने वाले व्यापारी नवीन रोहरा के साथ मिलकर यह साजिश रची। नवीन की दुबई स्थित कंपनी United Marine FZE के बैंक खातों में 21.08 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि जमा की गई, जिसे बाद में NRE और NRO खातों के जरिए भारत भेजा गया। इन पैसों से बलरामपुर के उतरौला में नीतू रोहरा के नाम पर जमीन और संपत्तियां खरीदी गईं। नीतू के खातों में चार महीनों में 14 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग ट्रांसफर होने का भी खुलासा हुआ है।
ED की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
ED ने अब तक छांगुर बाबा और उनके सहयोगियों के 22 बैंक खातों की जांच की, जिसमें 60 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध फंडिंग का पता चला। छांगुर बाबा को 28 जुलाई 2025 को और नवीन रोहरा को 4 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा, ED ने बलरामपुर, लखनऊ और मुंबई में 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 40 करोड़ रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए। जांच में विदेशी मुद्रा, बेनामी लेनदेन और दुबई-शारजाह में 5 UAE बैंक खातों का भी पता चला।
संपत्तियों का विवरण
अटैच की गई संपत्तियों में बलरामपुर के उतरौला में नीतू और नवीन रोहरा के नाम पर खरीदी गई जमीन, मकान और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी शामिल हैं। इनमें 3 बीघा कृषि भूमि (65 लाख), 9000 स्क्वायर फीट का मकान (64 लाख), 5 बीघा कृषि भूमि (1.25 करोड़), और अन्य संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 10.11 करोड़ रुपये से अधिक है। पुणे में भी 200 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है।
आरोप और जांच का दायरा
ED को शक है कि यह फंडिंग धर्मांतरण और प्रचार के लिए इस्तेमाल हुई, जिसमें पाकिस्तान और अन्य देशों से कनेक्शन की भी जांच चल रही है। छांगुर ने पूछताछ में नीतू पर सारी जिम्मेदारी डालने की कोशिश की, लेकिन ED अब नीतू से भी पूछताछ की तैयारी में है। जांच में क्रोएशिया की करेंसी और विदेशी लेनदेन के सबूत भी मिले हैं, जो इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करते हैं।
आगे की कार्रवाई
ED ने संकेत दिया है कि जल्द ही और संपत्तियां अटैच की जाएंगी, और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। यह मामला अब केवल मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय रैकेट माना जा रहा है।
