PMO की बड़ी बैठक कल: ट्रंप के 50% टैरिफ समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा, निर्यातकों के लिए राहत उपायों पर फोकस
PMO की बड़ी बैठक कल: ट्रंप के 50% टैरिफ समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा, निर्यातकों के लिए राहत उपायों पर फोकस
नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लागू करने के फैसले के बाद भारत सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) 26 अगस्त 2025 को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव से जूझ रहे भारतीय निर्यातकों के लिए राहत उपायों पर चर्चा होगी। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए 7 अगस्त 2025 को 25% “सेकेंडरी टैरिफ” लागू किया था, जिसे अब दोगुना कर 50% कर दिया गया है, जो 27 अगस्त से प्रभावी होगा। इस कदम से भारतीय निर्यातकों पर लागत का दबाव बढ़ गया है, खासकर कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग सामान और विशेष रसायन जैसे क्षेत्रों में। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सलाह शुरू की है, जिनका कहना है कि पहले से लागू 25% टैरिफ ने पहले ही उनके लाभ मार्जिन को कम कर दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार की बैठक में उद्योग-विशिष्ट राहत उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जैसे कि लघु और मध्यम उद्यमों (SME) के लिए लक्षित समर्थन। निर्यातकों ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) की मांग की थी, लेकिन सरकार व्यापक आर्थिक उपायों के बजाय क्षेत्र-विशिष्ट हस्तक्षेप को अधिक प्रभावी मान रही है। इसके अलावा, बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर टैरिफ के प्रभाव, वैकल्पिक बाजारों की तलाश और भारत की व्यापार रणनीति को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत अपने निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। हम विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के तहत जवाबी कार्रवाई के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।” इस बीच, ट्रंप के टैरिफ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। कुछ लोग इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए झटका मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे भारत के लिए आत्मनिर्भरता बढ़ाने का अवसर बता रहे हैं।
