Saturday, October 31, 2026
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जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने राजनीतिक संकट: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में उभरी बगावत

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने राजनीतिक संकट: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में उभरी बगावत

​श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के समक्ष एक बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के बाद सत्ताधारी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के लगभग 20 से 24 विधायकों ने एकजुट होकर नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

​बागी विधायकों की मुख्य बैठक और मांगें:

​कैसर जमशेद लोन के आवास पर बैठक: श्रीनगर में एनसी विधायक कैसर जमशेद लोन के बंगले पर पार्टी के बागी और असंतुष्ट विधायकों की एक बंद कमरे में बैठक हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में करीब 19 से 24 विधायकों (कुछ वर्चुअल माध्यम से जुड़े) ने हिस्सा लिया और एक संयुक्त प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।

​प्रमुख मांगें: विधायकों का यह समूह मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी सहित कुछ अन्य मंत्रियों को उनके पदों से हटाने की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि मंत्रिमंडल के चयन और पार्टी के आंतरिक निर्णयों में वरिष्ठता, योग्यता तथा क्षेत्रीय संतुलन की अनदेखी की गई है।

​”हम बागी नहीं, पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं”: असंतुष्ट विधायकों का कहना है कि वे सरकार गिराना नहीं चाहते, बल्कि पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र, जवाबदेही और संगठन को मजबूत करने के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनका मानना है कि सरकार और पार्टी को कुछ ही लोगों की जागीर नहीं बनने दिया जा सकता।

​मंत्रिमंडल विस्तार बना असंतोष का मुख्य कारण:

​मंत्रिपद से चूकने वाले नेताओं का गुस्सा: हाल ही में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए चार नए चेहरों को शामिल किया था। इसके बाद से ही कई वरिष्ठ विधायक जो मंत्री पद की दौड़ में थे, अपनी उपेक्षा से नाराज चल रहे थे। कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी भी व्यक्त की थी।

​पार्टी के भीतर सांगठनिक कार्रवाई: इस अंदरूनी कलह और बैठक के तुरंत बाद पार्टी नेतृत्व ने सख्त कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता मुबारक गुल को नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव पद से हटा दिया है, जिससे पार्टी के भीतर तनाव और गहरा गया है।

​सरकार पर संभावित असर:

​90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास अपने 41 विधायक हैं, और यह सरकार कांग्रेस (6 विधायक) तथा अन्य निर्दलीय व छोटे दलों के समर्थन से चल रही है। ऐसे में यदि पार्टी के भीतर का यह असंतोष और अधिक बढ़ता है, तो उमर अब्दुल्ला सरकार के लिए विधानसभा के भीतर असहज स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, बागी गुट ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य सरकार को अस्थिर करना नहीं, बल्कि कार्यप्रणाली में सुधार लाना है।

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