अन्तर्राष्ट्रीय

संयुक्त राष्ट्र महासभा: अमेरिका और क्यूबा के बीच तीखी जुबानी जंग; प्रतिबंधों के प्रस्ताव पर हंगामे के बीच बैठक स्थगित

संयुक्त राष्ट्र महासभा: अमेरिका और क्यूबा के बीच तीखी जुबानी जंग; प्रतिबंधों के प्रस्ताव पर हंगामे के बीच बैठक स्थगित

​संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अमेरिका और क्यूबा के बीच लंबे समय से चला आ रहा भू-राजनीतिक तनाव मंगलवार को उस समय चरम पर पहुंच गया, जब दोनों देशों के प्रतिनिधि तीखी बहस और आमने-सामने की झड़ป में उलझ गए। यह हंगामा क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करने से जुड़े एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हुआ।

​1. यूएन जनरल असेंबली में क्या हुआ?

​हंगामा और वॉकआउट की स्थिति: जब अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्ज हवाना (क्यूबा) सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे थे, तो क्यूबाई प्रतिनिधिमंडल ने मेजें थपथपाकर विरोध जताना शुरू कर दिया। वे अपनी सीटों से उठकर मंच की ओर बढ़ने लगे, जिससे सदन में अफरातफरी का माहौल बन गया।

​वॉल्ट्ज और रोड्रिगेज आमने-सामने: क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिला ने बार-बार ‘पॉइंट ऑफ ऑर्डर’ के तहत बीच में टोकने की कोशिश की। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब रोड्रिगेज मंच के काफी करीब पहुंच गए। इस पर अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने उन पर चिल्लाते हुए कहा, “पीछे हट जाओ! यह हवाना नहीं है।”

​अध्यक्ष द्वारा बैठक स्थगित: असेंबली के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने दोनों पक्षों को शांत कराने और व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की। उन्होंने क्यूबाई प्रतिनिधियों से अपनी सीटों पर लौटने का आग्रह किया और कुछ देर के लिए बैठक को स्थगित करना पड़ा।

​2. दोनों पक्षों के मुख्य तर्क और आरोप:

​अमेरिका का पक्ष (माइक वॉल्ट्ज): माइक वॉल्ट्ज ने क्यूबा सरकार पर भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और आम नागरिकों की कीमत पर सत्तारूढ़ अभिजात वर्ग (Ruling Elite) को फायदा पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने क्यूबा के नेतृत्व की कथित विलासितापूर्ण जीवनशैली (जैसे रोलेक्स घड़ियों का जिक्र) को उजागर करते हुए सदस्य देशों से अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा करने वाले प्रस्ताव के खिलाफ वोट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रोड्रिगेज ने कैमरों के सामने उन्हें चुप कराने की कोशिश की, जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्यूबा के भीतर शासन की कठोरता के खिलाफ बोलने वालों पर क्या गुजरती होगी।

​क्यूबा और अन्य देशों का पक्ष: बैठक दोबारा शुरू होने पर रोड्रिगेज ने पलटवार करते हुए अमेरिकी बयानों को “सरासर झूठ” बताया और कहा कि यह क्यूबा की जनता व सरकार की गरिма को ठेस पहुंचा रहा है।

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​3. वैश्विक रुख और आगामी मतदान:

​प्रतिबंध हटाने की मांग: महासभा में लाए गए इस प्रस्ताव में क्यूबा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों (विशेषकर हाल के महीनों में तेल की नाकेबंदी और कड़े कदमों) को खत्म करने की मांग की गई है।

​अंतरराष्ट्रीय समर्थन: बोलने वाले अधिकांश देशों और समूहों ने वाशिंगटन के प्रतिबंधों का कड़ा विरोध किया:

​गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM): युगांडा के प्रतिनिधि ने प्रतिबंधों के अत्यधिक कठोर होने पर गहरी चिंता जताई और क्यूबा के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य आक्रामकता को रोकने की अपील की।

​आसियान (ASEAN): सिंगापुर के प्रतिनिधि ने क्यूबा के आम लोगों पर भोजन, दवाइयों और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को लेकर चिंता व्यक्त की।

​इस प्रस्ताव पर आगे की चर्चा और बुधवार को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस आर्थिक गतिरोध पर क्या रुख अपनाता है।

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