गैरसैंण विधानसभा सत्र: हंगामे के बीच ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
गैरसैंण विधानसभा सत्र: हंगामे के बीच ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में दो दिवसीय सत्र बुधवार (28 अक्टूबर 2026) को विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सदन में विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी, काले झंडे और कागज फेंकने के बावजूद सरकार ने ₹7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट समेत कुल 10 विधेयक ध्वनिमत से पारित करा लिए।
अनुपूरक बजट की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसमें राजस्व मद में ₹3,679.86 करोड़ और पूंजीगत मद में ₹4,164.32 करोड़ का प्रावधान है। मूल बजट ₹1,11,703.21 करोड़ था, जिससे कुल बजट आकार बढ़कर ₹1,19,547.39 करोड़ हो गया है।
प्रमुख प्रावधान:
किसानों से धान और गेहूं खरीद (अन्नपूर्णा योजना) के लिए ₹1,100 करोड़।
आगामी अर्ध कुंभ (जनवरी 2027 से) के लिए ₹290 करोड़; हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए ₹30 करोड़।
जल जीवन मिशन के ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ₹300 करोड़।
गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए ₹122 करोड़।
स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायत व शहरी निकाय) को राज्य कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5% से बढ़ाकर 12.5% करने के लिए ₹721 करोड़ (छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार)।
विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत अवस्थापना विकास के लिए ₹500 करोड़।
पिथौरागढ़ मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज के लिए ₹160 करोड़ सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, सड़क और अन्य विकास कार्यों के प्रावधान।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सत्र के समापन पर कहा कि सरकार ने व्यवधानों के बावजूद जरूरी वित्तीय और विधायी कार्य पूरा कर लिया। उन्होंने विपक्ष पर हंगामा कर चर्चा बाधित करने का आरोप लगाया।
पारित विधेयक
अनुपूरक बजट से जुड़े विनियोग विधेयक सहित कुल 10 विधेयक पारित हुए। इनमें प्रमुख हैं:
उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 (1873 के पुराने अधिनियम की जगह)।
उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026।
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026।
उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2026।
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) (संशोधन) विधेयक।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) विधेयक।
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक।
राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक सहित अन्य।
पहले दिन सदन ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसमें काफी समय लगा।
हंगामा और स्थगन
विपक्ष (मुख्य रूप से कांग्रेस) ने सदन में व्यवधान पैदा किया। नारेबाजी, वेल में जाना, काले झंडे और कागज फेंकने के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने दोपहर करीब 1:10 बजे सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र कुल लगभग 11 घंटे चला।
बाहर भी यूकेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, स्वास्थ्य-शिक्षा-सड़क जैसी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया।
यह सत्र इस साल गैरसैंण में दूसरा (मार्च के बजट सत्र के बाद) था। सरकार विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं को गति देने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष पर्याप्त चर्चा न होने और जनमुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप लगा रहा है।

