Wednesday, October 28, 2026
Latest:
खेल

भारत के दिग्गज पैरा-एथलीट नीरज यादव का निधन: एशियन पैरा गेम्स के तीन बार के चैंपियन ने फ्लैट में किया सुसाइड

भारत के दिग्गज पैरा-एथलीट नीरज यादव का निधन: एशियन पैरा गेम्स के तीन बार के चैंपियन ने फ्लैट में किया सुसाइड

​भारत के खेल जगत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। तीन बार के एशियन पैरा गेम्स चैंपियन और जाने-माने पैरा-एथलीट नीरज यादव ने मंगलवार को अपने फ्लैट पर सुसाइड कर लिया।

​नेशनल चीफ पैरा-एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने बुधवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। फिलहाल इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजहों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

​1. नीरज यादव का खेल सफर और संघर्ष:

​बचपन की चुनौती: उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज यादव को महज 7 साल की उम्र में पोलियो हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और व्हीलचेयर के सहारे खेलों की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

​करियर की शुरुआत: एथलेटिक्स में आने से पहले नीरज ने लगभग 7 साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद साल 2015 से उन्होंने एथलेटिक्स (थ्रोइंग इवेंट्स) का रुख किया।

​शुरुआती सफलता: 2015 की दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स मीट में उन्होंने शॉट पुट, जैवलिन और डिस्कस थ्रो—तीनों इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इसके बाद 2016 फाजा ग्रैंड प्रिक्स में उन्होंने शॉट पुट और डिस्कस F55 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता।

​2. अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां और स्वर्णिम रिकॉर्ड्स:

​नीरज यादव भारत के सबसे सफल पैरा-थ्रोअर्स में से एक थे:

​2018 इंडोनेशिया एशियन पैरा गेम्स: उन्होंने पुरुषों के जैवलिन थ्रो F55 क्लास में 29.84 मीटर के एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल हासिल कर देश का नाम रोशन किया।

​2022 मोरक्को पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स: यहां उन्होंने एक नए नेशनल रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

​2023 हांगझोऊ (चीन) एशियन पैरा गेम्स: इस टूर्नामेंट में नीरज ने डबल गोल्ड जीता:

​F54/55/56 क्लास के डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल।

​F55 कैटेगरी के जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल।

​निष्कर्ष:

​नीरज यादव की अचानक हुई मौत से भारतीय पैरा-एथलेटिक्स समुदाय सदमे में है। व्हीलचेयर टेनिस से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने तक का उनका सफर हमेशा प्रेरणादायक माना जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *