फर्जी दस्तावेजों से MBBS में दाखिले का मामला: SIT ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार, अब तक 8 पकड़े गए
फर्जी दस्तावेजों से MBBS में दाखिले का मामला: SIT ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार, अब तक 8 पकड़े ग
फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप; दाखिले के लिए 25 और 30 लाख रुपये देने की बात जांच में आई सामने
देहरादून में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला कराने के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना रायपुर और क्लेमेंटटाउन में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान इन आरोपियों की कथित संलिप्तता सामने आई। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर 2026 को रायपुर और क्लेमेंटटाउन थानों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के एसएसपी ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में SIT गठित की थी।
एजुकेशन कंसल्टेंसी के जरिए दाखिला कराने का आरोप
SIT की जांच में सामने आया कि पहले गिरफ्तार किया गया आरोपी रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ पिछले पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह मेरठ में ‘मेकोडो पाठशाला’ नाम से कंपनी संचालित करता था और विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ विदेशों में MBBS, BTech, BCA, BBA और BCom जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिला दिलाने का काम करता था।
पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी बेटियों को MBBS में दाखिला दिलाने के लिए रूपेश पंडित से संपर्क किया था। इसके बाद कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाए गए।
जांच के मुताबिक, इन दस्तावेजों के आधार पर एक आरोपी की बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि दूसरे आरोपी की बेटी को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया गया था। SIT के अनुसार, दस्तावेज तैयार करवाने के बदले एक व्यक्ति ने रूपेश पंडित को 25 लाख रुपये और दूसरे ने 30 लाख रुपये दिए थे।
हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिले का भी मामला
पुलिस के मुताबिक, तीसरे आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी के MBBS में दाखिले के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे।
आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया। पुलिस इन आरोपों और दस्तावेजों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच
SIT ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासियों के रूप में की है। जांच टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रही है।
एसपी देहात जया बलूनी के मुताबिक, मामले में सामने आने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

