करवा चौथ 2026: सरगी का समय, पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय की संपूर्ण जानकारी
करवा चौथ 2026: सरगी का समय, पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय की संपूर्ण जानकारी
सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र का प्रतीक करवा चौथ का पर्व इस वर्ष 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करती हैं।
1. सरगी का समय और भद्रा काल:
सरगी की परंपरा: करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले ‘सरगी’ ग्रहण करने के साथ होती है, जिसे आमतौर पर सास अपनी बहू को देती हैं। इसमें फल, मिठाइयां और ऊर्जावान खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।
भद्रा काल का ध्यान: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 29 अक्टूबर की सुबह 6:25 से 6:46 AM तक (लगभग 21 मिनट) भद्रा की अवधि बताई गई है। मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान सरगी खाने से बचने या पूजा-शृंगार से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सुझाव: महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपराओं और स्थानीय पंचांग के अनुसार भद्रा काल से पहले या उसके समाप्त होने पर सूर्योदय से पूर्व सरगी ग्रहण कर सकती हैं।
2. करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त:
शाम के समय माता करवा की पूजा और व्रत कथा सुनने का विशेष विधान है।
पूजा का समय: शाम 5:48 PM से 6:56 PM तक
अवधि: लगभग 1 घंटा 8 मिनट
इस समयावधि में महिलाएं सामूहिक या पारिवारिक रूप से एकत्र होकर करवा माता की पूजा कर सकती हैं, कथा सुन सकती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना कर सकती हैं।
3. चंद्रोदय का समय (Moonrise Time):
करवा चौथ के व्रत का समापन चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही होता है।
संभावित चंद्रोदय: 29 अक्टूबर की रात 8:15 PM के बाद चंद्रमा के दर्शन होने की संभावना है।
व्रत खोलने की विधि: चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा और अपने पति का चेहरा देखकर, पति के हाथों जल ग्रहण करके अपना निर्जला व्रत खोलती हैं।
नोट: भौगोलिक स्थिति और अलग-अलग शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लखनऊ आदि) के अनुसार चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग या समय की जांच अवश्य कर लें।
व्रत से जुड़ी कुछ जरूरी बातें:
स्थानीय समय की जांच: चूंकि सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए अपने नजदीकी पंचांग की मदद जरूर लें।
स्वास्थ्य का ध्यान: निर्जला व्रत रखते समय अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखें और सरगी में ऐसे आहार लें जो आपको पूरे दिन ऊर्जावान रखें।
आप सभी को करवा चौथ के इस पावन पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं! यदि आपको इस व्रत से जुड़ी किसी अन्य विधि या सामग्री के बारे में जानना है, तो अवश्य बताएं।

