राहुल गांधी आय से अधिक संपत्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट में वकील को CJI की फटकार, मेंशनिंग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने के निर्देश
राहुल गांधी आय से अधिक संपत्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट में वकील को CJI की फटकार, मेंशनिंग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने के निर्देश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले को जल्द सूचीबद्ध (Urgent Listing) कराने की मांग करने वाले एक वकील को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सख्त फटकार लगाई है।
अदालत ने कहा कि वकील के पास मामले को जल्द उठाने का न तो कोई कानूनी आधार है और न ही कोई ठोस तुक। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पब्लिसिटी या मीडिया अटेंशन पाने के लिए याचिकाओं का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
1. किस आधार पर वकील ने की थी तुरंत सुनवाई की मांग?
वकील का दावा: याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कथित तौर पर बयान दिया था कि वे केंद्रीय जांच एजेंसियों—ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के करीब 200 अधिकारियों के संपर्क में हैं। इसी टिप्पणी का हवाला देते हुए वकील ने मामले को मेंशन कर तत्काल सुनवाई की मांग की।
2. मुख्य न्यायाधीश (CJI सूर्यकांत) की कड़ी टिप्पणी:
पब्लिसिटी स्टंट पर सवाल: CJI ने वकील की दलील पर तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि “क्या आपने इस मुद्दे पर किसी न्यूज चैनल से बात की है? ऐसा लगता है कि आप इस मामले को सिर्फ मीडिया की सुर्खियां और ध्यान आकर्षित करने के लिए उठाना चाहते हैं।”
लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक के निर्देश: इस घटनाक्रम के तुरंत बाद मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों और स्टाफ को निर्देश जारी किए कि भविष्य में मामलों की अर्जेंट लिस्टिंग के लिए होने वाली ‘मेंशनिंग’ (Mentioning Process) की लाइव स्ट्रीमिंग को रोक दिया जाए।
3. हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की पहले से जारी रोक:
इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश: अगस्त 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सीबीआई और ईडी को राहुल गांधी की संपत्तियों की जांच करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत का स्टे: सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में ही हाईकोर्ट के इस आदेश पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी थी। सर्वोच्च अदालत ने सवाल उठाया था कि हाईकोर्ट ने राहुल गांधी का पक्ष सुने बिना ही ऐसा आदेश कैसे पारित कर दिया।
जांच एजेंसियों पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी दोनों को यह सख्त हिदायत दी हुई है कि वे फिलहाल हाईकोर्ट के समक्ष इस मामले में कोई भी रिपोर्ट या जवाब दाखिल न करें।
4. क्या है पूरा मामला?
शुरुआती शिकायत: यह मामला कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत से शुरू हुआ था, जिन्होंने राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए थे।
केस ट्रांसफर याचिका: राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और मामले की सुनवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित (Transfer) करने की याचिका भी दायर की हुई है।

