स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- भाजपा की नकल करके उसे ताकत दे रही सपा
स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- भाजपा की नकल करके उसे ताकत दे रही सपा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। कुछ महीने पहले तक सपा में रहे मौर्य ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अखिलेश यादव भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं और अपनी राजनीति से उसे ही मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अखिलेश यादव भाजपा सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन क्यों नहीं करते?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा की नकल करके अखिलेश यादव कभी सफल नहीं हो सकते। उनके मुताबिक, हिंदू और सनातन के नाम पर राजनीति करने से सपा भाजपा को ही बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के 37 सांसद और 110 विधायक हैं, उसका भाजपा के खिलाफ सड़क पर नहीं उतरना सवाल खड़े करता है।
‘ऐसा तो नहीं कि भाजपा और सपा मिले हुए हैं’
मौर्य ने सपा की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से पार्टी भाजपा की राजनीतिक पिच पर खेल रही है, उससे ऐसा लगता है कि वह भाजपा के बचाव में खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर होकर विरोध करना चाहिए, लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं देता।
हालांकि, भाजपा और सपा के बीच मिलीभगत को लेकर मौर्य ने सवाल उठाए, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
EVM पर उठाए सवाल, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि देशभर में चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाने चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में दिल्ली में एक नवंबर को होने वाली रैली में शामिल होंगे।
लखनऊ में तीन लोगों की हत्या पर योगी सरकार को घेरा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ के शहादतगंज इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में, जहां मुख्यमंत्री और तमाम वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं, इस तरह की वारदात होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मौर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मामले में इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया है, लेकिन उनका दावा है कि घटना से पहले ही लापरवाही बरती गई थी, जिसका खामियाजा तीन लोगों की जान जाने के रूप में सामने आया।
उन्होंने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग का भी समर्थन किया। मौर्य ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर भी निशाना
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को छिपाने के लिए इस नीति का बार-बार जिक्र करती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडाराज और जंगलराज के आरोपों के बीच सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है। मौर्य ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों की हत्याओं का जिक्र करते हुए भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्वामी प्रसाद मौर्य के इन बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और भाजपा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत हैं। उन्होंने एक ओर अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए, तो दूसरी ओर योगी सरकार की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के दावों को चुनौती दी।

