दिल्ली में कांग्रेस की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली: व्यापारियों ने की दिवाली के बाद टालने की मांग, 10,000 करोड़ के नुकसान का जताया अंदेशा
दिल्ली में कांग्रेस की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली: व्यापारियों ने की दिवाली के बाद टालने की मांग, 10,000 करोड़ के नुकसान का जताया अंदेशा
दिल्ली में 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा आयोजित की जा रही महारैली को लेकर विवाद गहरा गया है। यह महारैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है, जिसमें देश भर से लगभग 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया गया है।
हालांकि, दिवाली के पीक शॉपिंग सीजन को देखते हुए दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस रैली का कड़ा विरोध किया है और इसे दिवाली के बाद टालने की अपील की है।
1. राहुल गांधी का ऐलान और व्यापारियों की चिंताएं:
राहुल गांधी का संदेश: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर 1 नवंबर की महारैली का आधिकारिक ऐलान करते हुए व्यापारियों से कहा कि आंदोलन तुरंत समाप्त हो जाएगा यदि ज्ञानेश कुमार को हटाया जाता है।
व्यापारियों में पैनिक का माहौल: CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। व्यापारियों को आशंका है कि 31 अक्टूबर से ही रास्ते बंद कर दिए जाएंगे और बैरिकेडिंग होने से दुकानें नहीं खुल सकेंगी, जिससे दिवाली की खरीदारी पर बुरा असर पड़ेगा।
2. ट्रैफ़िक और पार्किंग की बड़ी समस्या:
वाहनों की भारी तादाद: रैली में 10 लाख लोगों के साथ 15,000 से 20,000 वाहनों के आने का अनुमान है, जबकि रामलीला मैदान के आसपास 200 गाड़ियों की भी अधिकृत पार्किंग उपलब्ध नहीं है।
संकरी गलियां: पुरानी दिल्ली और चांदनी चौक के आसपास की गलियां महज 10-12 फीट चौड़ी हैं, जहां भारी वाहनों की मौजूदगी से घंटों का भीषण जाम लग सकता है।
3. प्रभावित होने वाले मुख्य 20 बड़े बाजार:
CTI के अनुसार, रामलीला मैदान के चारों ओर स्थित दिल्ली के सबसे बड़े थोक और खुदरा बाजार इस व्यवधान से सीधे प्रभावित होंगे:
चांदनी चौक (100 बड़े कटरों वाला विश्व प्रसिद्ध बाजार)
भागीरथ पैलेस (एशिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिकल मार्केट)
खारी बावली (एशिया की सबसे बड़ी मसाला व ड्राई फ्रूट्स मार्केट)
सदर बाजार (40,000 दुकानों का प्रसिद्ध थोक बाजार)
कश्मीरी गेट (एशिया की सबसे बड़ी ऑटो पार्ट्स मार्केट)
चावड़ी बाजार, नया बाजार, कस्तूरबा गांधी/किताब मार्केट, दरीबा कलां, गफ्फार मार्केट, करोल बाग, पहाड़गंज, नई सड़क, किनारी बाजार, नबी करीम, अजमेरी गेट, फतेहपुरी, लाहौरी गेट, फिल्मिस्तान, और मीना बाजार।
4. 10,000 करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान की आशंका:
10 अक्टूबर का उदाहरण: CTI का कहना है कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए 3-4 हजार लोगों के प्रदर्शन से ही मध्य दिल्ली सील हो गई थी, जिससे व्यापारियों को 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।
संभावित क्षति: दिवाली के पीक सीजन में 1 नवंबर की रैली से पुरानी दिल्ली का व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा और लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
5. CTI का विकल्प और मांग:
व्यापारियों ने जनहित और व्यापारी हित में दो प्रमुख सुझाव दिए हैं:
महारैली को 10 नवंबर (भैया दूज) के बाद आयोजित किया जाए।
यदि 1 नवंबर को ही आयोजन अनिवार्य है, तो इसे रामलीला मैदान से हटाकर बुराड़ी ग्राउंड या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN Stadium) जैसे खुले स्थानों पर शिफ्ट किया जाए, ताकि प्रमुख बाजारों पर इसका असर न पड़े।

