अभिनेत्री उर्मिला सनावर पर कानूनी शिकंजा: दर्ज हुआ 11वां मुकदमा, कांग्रेस ने उठाई अंकिता भंडारी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
अभिनेत्री उर्मिला सनावर पर कानूनी शिकंजा: दर्ज हुआ 11वां मुकदमा, कांग्रेस ने उठाई अंकिता भंडारी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में हरिद्वार पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद अब उन पर 11वां मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, उत्तराखंड कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग और नार्को टेस्ट को लेकर पुलिस तथा जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
1. देहरादून में दर्ज हुआ 11वां मुकदमा:
अभद्र टिप्पणी का आरोप: देहरादून के नगर कोतवाली में उर्मिला सनावर पर ताजा मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम और भाजपा नेता बी.एल. संतोष के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की थीं। यह कार्रवाई हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता सागर की शिकायत पर की गई है।
हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई: इससे पहले, 25 अक्टूबर को हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। उन पर अपने पूर्व पति व पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। यह मुकदमा सुरेश राठौर की बेटी ने दर्ज कराया था।
2. कांग्रेस का हमला: नार्को टेस्ट से ठीक पहले गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल
उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के समय (Timing) पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ एंगल को दबाने का प्रयास करार दिया है:
सुजाता पॉल के सवाल: कांग्रेस की प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि जब उर्मिला नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे चुकी थीं और कथित ‘VIP’ से जुड़े बड़े नामों का खुलासा कर रही थीं, तो ठीक अगली पेशी से पहले उनकी गिरफ्तारी क्यों की गई? क्या इस कार्रवाई से नार्को टेस्ट की प्रक्रिया प्रभावित या विलंबित होगी?
CBI जांच और डिजिटल साक्ष्य: कांग्रेस ने मांग की है कि उर्मिला सनावर द्वारा लिए गए नामों, ऑडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल साक्ष्यों की सीबीआई (CBI) द्वारा निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि क्या मामले को दबाने या समझौता कराने की कोई कोशिश हुई है।
अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय: कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला और सुजाता पॉल ने कहा कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से दर-दर भटक रहे हैं। उर्मिला पर दर्ज मुकदमों की जांच अपनी जगह चले, लेकिन उससे अंकिता भंडारी हत्याकांड की मुख्य जांच और कथित वीआईपी एंगल की जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
3. उत्तराखंड कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
नार्को टेस्ट की स्थिति स्पष्ट हो: सीबीआई और अदालत यह स्पष्ट करे कि उर्मिला की गिरफ्तारी के बाद अब नार्को टेस्ट की प्रक्रिया किस स्थिति में है।
गिरफ्तारी की टाइमिंग पर जवाब: नार्को टेस्ट की सहमति के ठीक बाद हुई इस गिरफ्तारी पर उत्तराखंड पुलिस स्थिति स्पष्ट करे।
कथित VIP एंगल की निष्पक्ष जांच: ऑडियो, बयानों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कथित वीआईपी भूमिका की निष्पक्ष सीबीआई जांच हो।
मुकदमों की स्थिति साफ हो: पुराने मुकदमों, गैर-जमानती वारंट और वर्तमान कार्रवाई का कानूनी आधार सार्वजनिक किया जाए।
पीड़ित परिवार को न्याय: अंकिता भंडारी के परिजनों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रगति से उन्हें नियमित रूप से अवगत कराया जाए।

