Strait of Hormuz: अमेरिकी सेंटकॉम प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने किया हवाई सर्वेक्षण, 1.5 अरब बैरल तेल निर्यात में मदद का दावा
Strait of Hormuz: अमेरिकी सेंटकॉम प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने किया हवाई सर्वेक्षण, 1.5 अरब बैरल तेल निर्यात में मदद का दावा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य व कूटनीतिक तनाव के बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर सीएच-47 चिनूक (CH-47 Chinook) हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण कर परिचालन हालात का जायजा लिया। इस दौरान सेंटकॉम ने खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक नौवहन को सुरक्षित रखने का बड़ा दावा किया है।
1. अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) के मुख्य दावे:
1.5 अरब बैरल तेल का सुरक्षित निर्यात: अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेना की उपस्थिति और सहयोग के चलते पिछले छह महीनों में खाड़ी देशों को होर्मुज के रास्ते 1.5 अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल के निर्यात में सफलता मिली है।
3,000 से अधिक जहाजों की आवाजाही: सेंटकॉम के अनुसार, पिछले छह महीनों में उसके सुरक्षा घेरे में 3,000 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों ने इस प्रमुख समुद्री मार्ग को पार किया है।
95% से अधिक सुरक्षा दर: अमेरिकी सेना का दावा है कि हाल के महीनों में इस स्ट्रेट से गुजरने वाले 95 प्रतिशत से अधिक जहाज पूरी तरह सुरक्षित रहे हैं।
2. एंटी-माइन अभियान (समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का काम):
सुरंग-मुक्त मार्ग: एडमिरल कूपर ने होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों से समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) हटाने के अभियान में लगे अमेरिकी सैन्यकर्मियों से मुलाकात की।
सुरक्षित कॉमर्शियल ट्रैफिक: सेंटकॉम का कहना है कि ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगों को साफ कर दिया गया है और अब मुख्य अंतरराष्ट्रीय मार्ग सुरक्षित वाणिज्यिक यातायात के लिए पूरी तरह खुले हैं।
3. होर्मुज विवाद की पृष्ठभूमि और वैश्विक महत्व:
फरवरी 2026 हमले के बाद बढ़ा तनाव: फरवरी में अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद तेहरान ने होर्मुज मार्ग पर अपना नियंत्रण जताते हुए जहाजों से शुल्क/अनुमति मांगने और आवाजाही रोकने का प्रयास किया था।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी: इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू की और तेल व व्यापारिक जहाजों को एस्कॉर्ट करना शुरू किया।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ (Oil Chokepoint) है। फारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देशों (जैसे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर और इराक) का अधिकांश कच्चा तेल और एलएनजी (LNG) इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।

