सर्बिया: छात्र आंदोलन ने 14 साल पुरानी राइट-विंग सरकार को उखाड़ फेंका, नोवी साद रेलवे हादसे ने रखी नींव
सर्बिया: छात्र आंदोलन ने 14 साल पुरानी राइट-विंग सरकार को उखाड़ फेंका, नोवी साद रेलवे हादसे ने रखी नींव
सर्बिया में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन ने अलेक्जेंडर वुचिच की लगभग 14 साल पुरानी राजनीतिक पकड़ समाप्त कर दी है। 25 अक्टूबर 2026 को हुए संसदीय चुनाव में ‘स्टूडेंट लिस्ट’ (Studentska lista – Studenti pobeđuju) ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वुचिच ने चुनाव परिणाम आने के कुछ घंटों के अंदर हार स्वीकार कर ली।
क्या हुआ चुनाव में?
प्रारंभिक और प्रोजेक्टेड नतीजों के अनुसार स्टूडेंट लिस्ट को लगभग 52-53 प्रतिशत वोट और 135-140 सीटें (250 सदस्यीय संसद में) मिलीं। वुचिच की लिस्ट ‘अलेक्जेंडर वुचिच – यूनाइटेड सर्बिया’ को करीब 39 प्रतिशत वोट और 103-105 सीटें मिलीं। मतदान प्रतिशत करीब 68-70 प्रतिशत रहा, जो दशकों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है।
वुचिच ने कहा कि नतीजे साफ हैं और स्टूडेंट लिस्ट जीत गई है। बेलग्रेड और नोवी साद सहित कई शहरों में समर्थकों ने जश्न मनाया।
हादसे से शुरू हुआ आंदोलन
इस बदलाव की नींव 1 नवंबर 2024 को नोवी साद रेलवे स्टेशन पर गिरी। स्टेशन के बाहर बनी कंक्रीट की छतरी (canopy) अचानक ढह गई, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई। स्टेशन का हाल ही में नवीनीकरण हुआ था। लोग भ्रष्टाचार, खराब निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही की कमी का आरोप लगाने लगे।
शुरुआत में छात्रों ने विश्वविद्यालयों से प्रदर्शन शुरू किए। मांग थी—हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों की सजा और व्यवस्था में सुधार। धीरे-धीरे यह आंदोलन भ्रष्टाचार-विरोधी और जवाबदेही की व्यापक मांग में बदल गया। किसानों, कलाकारों, शिक्षकों और आम नागरिकों का समर्थन मिला। लगभग दो साल तक शांतिपूर्ण लेकिन लगातार विरोध प्रदर्शन चलते रहे।
दबाव बढ़ने पर वुचिच ने सितंबर 2026 में स्नैप चुनाव कराने का फैसला किया। छात्र आंदोलन ने ‘स्टूडेंट लिस्ट’ के रूप में चुनावी मैदान में कदम रखा।
आगे क्या?
स्टूडेंट लिस्ट अब सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। सूची में प्रोफेसर, डॉक्टर, कलाकार और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। मुख्य एजेंडा भ्रष्टाचार से निपटना, संस्थाओं को मजबूत करना और पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है। वुचिच 2014 से प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के रूप में देश की राजनीति पर हावी रहे थे।
यह घटना दिखाती है कि एक बड़े हादसे और लंबे छात्र आंदोलन ने सर्बिया की राजनीति को कैसे बदल दिया। अंतिम आधिकारिक नतीजे और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अभी जारी है।

