विदेश मंत्री एस जयशंकर का भूटान दौरा: भारत-भूटान संबंधों को मजबूती, स्थानीय किसानों को सौंपी गईं जर्सी गायें
विदेश मंत्री एस जयशंकर का भूटान दौरा: भारत-भूटान संबंधों को मजबूती, स्थानीय किसानों को सौंपी गईं जर्सी गायें
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने आधिकारिक दौरे के तहत भूटान के बूमथांग पहुंचे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने कृषि, संस्कृति और कूटनीतिक मोर्चे पर कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया।
दौरे से जुड़े प्रमुख आकर्षण और कार्य:
किसानों को जर्सी गायों की सौगात: जयशंकर ने बूमथांग स्थित नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया और स्थानीय किसानों की मदद के लिए भारत की ओर से शुद्ध नस्ल की 43 जर्सी गायें सौंपी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से भूटान का डेयरी कार्यक्रम मजबूत होगा, दूध का उत्पादन बढ़ेगा और यह कार्यक्रम लगभग 40 हजार किसानों तक पहुंचेगा।
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल का भ्रमण: विदेश मंत्री ने ऐतिहासिक वांगदुएछोलिंग पैलेस और म्यूजियम का दौरा किया, जो कभी शाही निवास और दरबार हुआ करता था। इसके अलावा उन्होंने भूटान की सबसे पवित्र जगहों में से एक कुर्जे ल्हाखांग में प्रार्थना कर दोनों देशों के लोगों की भलाई और समृद्धि की कामना की।
भूटान के विदेश मंत्री से उच्चस्तरीय बैठक: जयशंकर ने भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डीएन ढुंगयेल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और आपसी संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
द्विपक्षीय प्रोजेक्ट्स और आगे का कार्यक्रम:
बैठक के बाद दोनों देशों के मंत्रियों ने बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), ऊर्जा और स्वास्थ्य से जुड़े कई बड़े द्विपक्षीय प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया। भूटान के विदेश मंत्री के निमंत्रण पर 16-17 सितंबर तक के इस आधिकारिक दौरे पर जयशंकर भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक और प्रधानमंत्री छेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी विश्वास और मजबूत होती गहरी दोस्ती का प्रतीक है।
