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मोदी @25: नेहरू-इंदिरा के रिकॉर्ड छूते-तोड़ते, भारतीय राजनीति की नई किताब लिख रहे पीएम मोदी

मोदी @25: नेहरू-इंदिरा के रिकॉर्ड छूते-तोड़ते, भारतीय राजनीति की नई किताब लिख रहे पीएम मोदी

17 सितंबर 2026: नरेंद्र मोदी 76 साल के हो गए। लेकिन इस साल का उनका जन्मदिन सिर्फ उम्र का आंकड़ा नहीं है। अक्टूबर के पहले हफ्ते में वे एक ऐसा मुकाम छूने वाले हैं, जो स्वतंत्र भारत के किसी भी चुने हुए नेता ने पहले नहीं छुआ—सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 साल। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ से शुरू हुई यात्रा, 2014 से प्रधानमंत्री पद तक बिना रुके चली आ रही है।

यह सिर्फ समय की गिनती नहीं। यह भारतीय राजनीति के रिकॉर्ड बुक को फिर से लिखने वाली कहानी है।

तीन लगातार जनादेश: नेहरू के बाद सिर्फ मोदी

जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने तीन आम चुनाव जीतकर लगातार सत्ता संभाली। 2024 में नरेंद्र मोदी ने वही कर दिखाया। वे नेहरू के बाद दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री पद संभाला।

फर्क यह है कि नेहरू के समय कांग्रेस की लगभग एकछत्र स्थिति थी। मोदी का तीसरा जनादेश बहुदलीय, प्रतिस्पर्धी और गठबंधन वाली राजनीति में आया। 2014 और 2019 में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला था। 2024 में पार्टी 240 सीटों पर अटकी, फिर भी एनडीए के साथ सरकार बनी और मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।

चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल

जून 2026 में एक और बड़ा रिकॉर्ड टूटा। मोदी ने चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,399 दिन पूरे कर जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

नेहरू कुल लगभग 17 साल प्रधानमंत्री रहे, लेकिन 1947 से 1952 तक अंतरिम सरकार का दौर था। चुनाव के बाद का उनका लगातार कार्यकाल 1952 से 1964 तक का माना जाता है। मोदी का पूरा कार्यकाल चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में ही है—बिना किसी रुकावट के।

इंदिरा गांधी का सबसे लंबा लगातार कार्यकाल 4,077 दिनों का था (1966-1977)। मोदी ने उसे भी बहुत पहले पार कर लिया था। राजीव गांधी का कार्यकाल करीब पांच साल का रहा। इन तीनों के नाम लंबे समय तक राजनीति के सबसे ऊंचे आंकड़ों से जुड़े रहे। आज मोदी उनमें से कई को पीछे छोड़ चुके हैं।

गुजरात से दिल्ली तक: 25 साल की अनवरत जिम्मेदारी

7 अक्टूबर 2001 को जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा इतनी लंबी और ऊंची जाएगी। करीब 13 साल गुजरात में, फिर 2014 से केंद्र में। अक्टूबर 2026 में यह सफर 25 साल का हो जाएगा।

चुने हुए सरकार प्रमुख (मुख्यमंत्री + प्रधानमंत्री) के रूप में उनके दिन 9,000 के पार जा चुके हैं। यह रिकॉर्ड भी कई राज्य के लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्रियों से आगे है।

क्या बाकी है?

नेहरू का कुल कार्यकाल (अंतरिम समेत) अभी भी सबसे लंबा है। इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल (दो अलग-अलग अवधियों को मिलाकर) भी ऊंचा है। ये आंकड़े इतिहास में दर्ज हैं। लेकिन लगातार चुने हुए नेता के रूप में, तीन जनादेश लेकर, और 25 साल बिना रुके सरकार चलाते हुए—मोदी एक नई पंक्ति लिख रहे हैं।

राजनीति में आंकड़े सिर्फ गिनती नहीं होते। वे जनविश्वास, संगठनात्मक ताकत और शासन की निरंतरता की कहानी कहते हैं। 2001 में एक राज्य से शुरू हुई यात्रा आज देश की सबसे लंबी चुनी हुई सत्ता यात्रा बन चुकी है।

अक्टूबर 2026 में जब मोदी 25 साल पूरे करेंगे, तो भारतीय राजनीति की रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा—एक ऐसा अध्याय जो नेहरू, इंदिरा और राजीव के युग के बाद लिखा जा रहा है।

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