राजनीति

दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाने की मांग, कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने खड़गे को लिखा पत्र

दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाने की मांग, कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने खड़गे को लिखा पत्र

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) से हटाने की मांग की है। शर्मा ने आरोप लगाया कि दीपेंद्र हुड्डा द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की तारीफ किए जाने से सिख समुदाय में नाराजगी पैदा हुई है और इसका नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।

सज्जन कुमार को बताया था रोल मॉडल

दरअसल, सज्जन कुमार का 20 अगस्त को 80 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में निधन हो गया था। वह 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दोषी ठहराए गए थे और दो उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

उनके निधन के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने उन्हें ‘रोल मॉडल’ बताते हुए उनके निधन को ‘अपूरणीय क्षति’ बताया था। इसी बयान को लेकर अब कांग्रेस के भीतर सवाल उठ रहे हैं।

कुलदीप शर्मा ने खड़गे को लिखे पत्र में कहा कि दीपेंद्र हुड्डा के बयान के बाद भारत के सिख समुदाय में नाराजगी है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा और पंजाब में रहने वाले उनके सिख साथियों ने फोन कर इस बयान पर आपत्ति जताई है।

‘सिख समुदाय कांग्रेस से समर्थन पर दोबारा सोचेगा’

कुलदीप शर्मा ने अपने पत्र में किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के बाद सिख समुदाय के बड़े हिस्से ने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन इस तरह के बयान से पार्टी के प्रति समुदाय के रुख पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। शर्मा के मुताबिक, 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा विवाद कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

‘पुराने जख्म फिर ताजा हुए’

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी पहले ही सज्जन कुमार से खुद को पूरी तरह अलग कर चुकी है। ऐसे में दीपेंद्र हुड्डा के बयान ने सिख समुदाय के पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है।

उन्होंने खड़गे से मांग की कि दीपेंद्र हुड्डा को CWC से हटाया जाए, ताकि पार्टी की स्थिति और सिख समुदाय के प्रति उसकी संवेदनशीलता स्पष्ट हो सके।

कुलदीप शर्मा का कहना है कि ऐसे बयानों से कांग्रेस की छवि कमजोर होती है और इसका असर पंजाब के साथ-साथ देश और विदेश में रहने वाले सिख समुदाय पर भी पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *