दिल्ली में महिला ASO की संदिग्ध मौत, पति और ससुराल वालों के खिलाफ FIR; परिजनों ने CBI जांच की मांग की
दिल्ली में महिला ASO की संदिग्ध मौत, पति और ससुराल वालों के खिलाफ FIR; परिजनों ने CBI जांच की मांग की
नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका सेक्टर-23 इलाके में रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर तैनात 30 वर्षीय महिला नाजिया खानम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उनके पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले को लेकर मृतका के परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की है।
परिजनों ने मौत को बताया संदिग्ध
नाजिया के चचेरे भाई अजमल खान ने बताया कि परिवार भोपाल से दिल्ली पहुंचा, जहां दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में नाजिया का पोस्टमार्टम कराया गया। उनका कहना है कि नाजिया आत्महत्या करने वाली लड़की नहीं थी और परिवार को उसकी मौत की परिस्थितियां संदिग्ध लग रही हैं।
अजमल ने आरोप लगाया कि परिवार को FIR दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि एक सरकारी अधिकारी के परिवार को FIR के लिए इतना संघर्ष करना पड़ रहा है तो आम आदमी की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ससुराल पक्ष पर दबाव बनाने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि नाजिया के पति आजम के परिवार के कुछ सदस्य पुलिस विभाग से जुड़े हैं। अजमल खान के मुताबिक, आजम के पिता पुलिस से रिटायर्ड हैं, जबकि उनका भाई पुलिस में कार्यरत है। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
अजमल ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में नाजिया के पिता से बयान लिया और परिवार के साथ पीड़ित की बजाय आरोपी जैसा व्यवहार किया गया।
शादी को लेकर भी परिजनों ने दी जानकारी
परिजनों के मुताबिक नाजिया की शादी अरेंज मैरिज थी और शादी में करीब 20 से 25 लाख रुपये खर्च किए गए थे। उनका दावा है कि नाजिया अपनी मां से व्यक्तिगत बातें साझा करती थी, लेकिन शादी नई होने और रिश्ता खराब होने के डर से उसने परिवार के अन्य सदस्यों को कई बातें नहीं बताईं।
अजमल के मुताबिक नाजिया करीब तीन महीने की गर्भवती थी और रोजाना डायरी लिखती थी। परिवार ने पुलिस से उसकी डायरी और घटनास्थल से जुड़े अन्य संभावित सबूतों की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
तीन दिन बाद FIR, CBI जांच की मांग
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने घटना के पहले दिन से ही पुलिस से कार्रवाई और नाजिया के शव की पहचान कराने की मांग की थी, लेकिन उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा। अजमल के अनुसार, करीब तीन दिन के संघर्ष के बाद FIR दर्ज हुई।
अब परिवार ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। वहीं पुलिस की जांच में मौत की वास्तविक वजह, घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की सत्यता सामने आने का इंतजार है।
