हिसार जिला अदालत में गैंगस्टर विनोद पानू की गोली मारकर हत्या, दिनदहाड़े फायरिंग से मची अफरा-तफरी
हिसार जिला अदालत में गैंगस्टर विनोद पानू की गोली मारकर हत्या, दिनदहाड़े फायरिंग से मची अफरा-तफरी
हिसार: हरियाणा के हिसार जिला अदालत परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पेशी के लिए पहुंचे कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना पर दिनदहाड़े फायरिंग कर दी गई। अदालत के मुख्य प्रवेश द्वार के पास हुई गोलीबारी में विनोद पानू की मौत हो गई। घटना में कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
बाइक सवार हमलावरों ने की फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, विनोद पानू पेशी के लिए कोर्ट पहुंचा था। इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर अचानक गोलियां चला दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और कई राउंड फायरिंग करने के बाद मौके से फरार होने की कोशिश की।
गोलीबारी की आवाज सुनते ही अदालत परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। वकील, पक्षकार और अन्य लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
पुलिस के मुताबिक वारदात में करीब 14 राउंड फायरिंग हुई। हालांकि, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इससे अधिक गोलियां चलने का दावा किया है।
पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
हिसार के एएसपी मयंक मुद्गिल के मुताबिक पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान और वारदात के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
सोशल मीडिया पर गैंग के नाम से पोस्ट वायरल
वारदात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में कथित तौर पर विनोद पानू को विरोधी गुटों से संपर्क रखने के कारण निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप और जितेंद्र गोगी ग्रुप समेत कुछ अन्य गैंग के नाम भी लिखे गए हैं। हालांकि, वायरल सोशल मीडिया पोस्ट की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
कोर्ट की सुरक्षा पर उठे सवाल
अदालत परिसर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद वकीलों ने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि संवेदनशील अदालत परिसर में हथियारबंद हमलावरों का पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है।
वकीलों ने जिला प्रशासन से अदालत परिसरों में सुरक्षा, प्रवेश जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। वारदात के पीछे की वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
