स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड में गूंजा विकसित राज्य का संकल्प, CM धामी ने की 7 बड़ी घोषणाएं
स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड में गूंजा विकसित राज्य का संकल्प, CM धामी ने की 7 बड़ी घोषणाएं
देहरादून, 15 अगस्त 2026। उत्तराखंड में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित करने के साथ ही 14 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
‘2035 तक विकसित उत्तराखंड’ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार, पर्यटन, रोजगार, खेल, स्टार्टअप और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वेलनेस, एडवेंचर, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता पर जोर
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, होम-स्टे योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्कूली छात्रों के लिए निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का भी उल्लेख किया। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है और इसके लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
खेल और महिला सशक्तिकरण पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को भी 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने की 7 बड़ी घोषणाएं
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
1. चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
2. उत्तराखंड में प्रदेश का पहला ‘युवा आयोग’ गठित किया जाएगा।
3. सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार व उद्यम के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
6. 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू होगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा और उद्यम के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
7. प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है सरकार: धामी
मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों तक जल्द राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर इलाज देना और जिन लोगों ने घर व आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने सुशासन और हिमालय संरक्षण का लिया संकल्प
वहीं सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुशासन, विकसित उत्तराखंड और हिमालय संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की 25 वर्षों की यात्रा उपलब्धियों के साथ चुनौतियों के आत्मावलोकन का भी अवसर है।
मुख्य सचिव ने पलायन, रोजगार, स्वास्थ्य-शिक्षा की पहुंच, आपदा जोखिम, जल स्रोतों और हिमालयी पारिस्थितिकी को प्रमुख चुनौतियां बताते हुए इन पर निरंतर काम करने की जरूरत बताई।
उन्होंने प्रशासन को ‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे ‘आउटकम डिलीवरी’ की ओर ले जाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें पहाड़ का युवा अपने गांव में सम्मानजनक रोजगार पा सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों और विकास तथा पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बनें।
दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में भी हुआ ध्वजारोहण
नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास और उत्तराखंड सदन में भी 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा ने ध्वजारोहण कर अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस बल के जवानों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ दिलाई। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तराखंड सरकार ने विकसित उत्तराखंड, युवाओं के रोजगार, उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और हिमालय संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा।
