राजनीति

स्वतंत्रता दिवस पर हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान, बोले- ‘Gen Z और Gen Alpha पश्चिमी सोच, हमारे लिए ये बेटे-बेटियां’

स्वतंत्रता दिवस पर हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान, बोले- ‘Gen Z और Gen Alpha पश्चिमी सोच, हमारे लिए ये बेटे-बेटियां’

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं, विकास, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। खानापारा एग्रीकल्चरल एंड वेटेरिनरी फील्ड में तिरंगा फहराने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि असम के युवाओं को केवल पश्चिमी अवधारणाओं जैसे ‘Gen Z’ और ‘Gen Alpha’ के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

‘हमारे लिए छात्र Gen Z या Gen Alpha नहीं’

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वह ‘Gen Z’ और ‘Gen Alpha’ की अवधारणा में विश्वास नहीं करते। उनके मुताबिक यह पश्चिमी सोच है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए छात्र Gen Z या Gen Alpha नहीं, बल्कि हमारे अपने बेटे और बेटियां हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम को युवाओं और विकास के मुद्दों पर अपना स्वतंत्र दृष्टिकोण विकसित करना होगा। उन्होंने राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप एक अलग ‘असम-दर्शन’ विकसित करने की बात कही।

युवाओं के लिए बनेगा अलग विभाग

सरमा ने युवाओं के कौशल विकास और सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देने के लिए एक अलग विभाग बनाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार और अन्य अवसरों के लिए तैयार करना होगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एक सैटेलाइट सिटी, आठ नए सब-डिस्ट्रिक्ट और ‘खेल महारन’ के नए संस्करण की घोषणा की। उन्होंने बच्चों को 50 गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की भी बात कही।

बाल विवाह और बहुविवाह पर सख्त रुख

बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 11 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बहुविवाह के मुद्दे पर उन्होंने पहली पत्नी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधानों की बात कही। सरमा ने कहा कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपनी पहली पत्नी को छोड़ देता है, तो उसकी आधी तनख्वाह पहली पत्नी को देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था कानून के जरिए लागू करने की संभावना जताई।

40 राजस्व सर्किलों में जमीन खरीदने की अनुमति

भूमि अधिकारों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 40 राजस्व सर्किलों में तीन पीढ़ियों से रह रहे लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने इसे मूल समुदायों के भूमि अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास का भरोसा

असम में हालिया बाढ़ का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए काम किया जाएगा।

‘वंदे मातरम्’ और असमिया भाषा का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने को ऐतिहासिक क्षण बताया। साथ ही उन्होंने राज्य के विभिन्न समुदायों और भाषाई समूहों से आगामी जनगणना में अपनी भाषा ‘असमिया’ दर्ज कराने की अपील की।

सरमा ने कहा कि असम अब ‘असम मॉडल’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें विकास और तकनीक को राज्य की सामाजिक एवं सांस्कृतिक सोच के साथ जोड़ा जाएगा।

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