मनप्रीत सिंह का बड़ा बयान: 2026 हॉकी वर्ल्ड कप हो सकता है आखिरी विश्व कप, बोले- ‘जीतकर बनाना चाहता हूं यादगार’
मनप्रीत सिंह का बड़ा बयान: 2026 हॉकी वर्ल्ड कप हो सकता है आखिरी विश्व कप, बोले- ‘जीतकर बनाना चाहता हूं यादगार’
नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने संकेत दिया है कि 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मनप्रीत ने कहा कि वह इस टूर्नामेंट में भारत को ऐतिहासिक सफलता दिलाकर अपने विश्व कप अभियान को यादगार बनाना चाहते हैं।
मनप्रीत के लिए यह चौथा विश्व कप होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं, लेकिन विश्व कप में पदक अब भी टीम की बड़ी उपलब्धियों की सूची से गायब है।
उन्होंने कहा कि वह इस बार इसी लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेंगे कि भारतीय टीम वह उपलब्धि हासिल करे, जो अब तक नहीं कर पाई है।
‘विश्व कप पदक का सपना पूरा करना है’
मनप्रीत ने कहा कि विश्व कप उनके लिए बेहद खास है। टीम ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अब विश्व कप में भी उसी स्तर की सफलता हासिल करने का समय है।
उन्होंने टीम की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है। उनके मुताबिक, टीम ने टूर्नामेंट के लिए अच्छी तैयारी की है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी मजबूत है।
युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभव साझा कर रहे सीनियर
मनप्रीत ने बताया कि वह कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अनुभवी खिलाड़ी मंदीप सिंह के साथ मिलकर युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से सीख देने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में हर मुकाबला महत्वपूर्ण होगा। टीम को प्रत्येक विपक्षी का सम्मान करते हुए पूरे फोकस के साथ खेलना होगा।
कोचिंग स्टाफ ने फिटनेस और डिफेंस पर भी विशेष ध्यान दिया है। मनप्रीत के अनुसार, मजबूत डिफेंस टीम को आक्रमण करने और मैच पर नियंत्रण बनाए रखने का आत्मविश्वास देता है।
हरमनप्रीत की कप्तानी के मुरीद हैं मनप्रीत
मनप्रीत ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं।
मनप्रीत के मुताबिक, हरमनप्रीत की खेल को पढ़ने की क्षमता शानदार है। उनकी पासिंग, डिफेंस को व्यवस्थित करने की क्षमता और ड्रैग-फ्लिक उन्हें टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल करती है।
उन्होंने कहा कि दबाव के समय कप्तान का शांत रहना पूरी टीम को आत्मविश्वास देता है।
51 साल से विश्व कप पदक का इंतजार
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आखिरी बार 1975 में विश्व कप पदक जीता था। इसके बाद से टीम को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पोडियम फिनिश का इंतजार है।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में भारतीय हॉकी ने ओलंपिक में शानदार वापसी की है। भारत ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में लगातार दो ओलंपिक कांस्य पदक जीते।
अब भारतीय टीम की नजर 2026 विश्व कप पर है, जहां वह लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप पदक के सूखे को खत्म करना चाहेगी। मनप्रीत को भरोसा है कि टीम फाइनल तक पहुंचने और ऐतिहासिक सफलता हासिल करने में सक्षम है।
