राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सावरकर टिप्पणी मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सावरकर टिप्पणी मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सावरकर पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में लंबित निजी आपराधिक शिकायत और उससे जुड़े समन आदेश को रद्द कर दिया।
राज्य सरकार की मंजूरी नहीं थी
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 153-A के तहत मुकदमा चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से आवश्यक मंजूरी ली गई थी या नहीं। राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने बताया कि ऐसी कोई मंजूरी नहीं दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संबंधित अपराधों का संज्ञान लेने से पहले जरूरी वैधानिक मंजूरी आवश्यक थी। चूंकि यह मंजूरी मौजूद नहीं थी, इसलिए मजिस्ट्रेट द्वारा जारी शिकायत और समन आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता। इसके बाद अदालत ने पूरी कार्यवाही रद्द कर दी।
क्या था मामला?
यह शिकायत राहुल गांधी की वीर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनकी टिप्पणियों से सांप्रदायिक अशांति फैल सकती है। मामले में राहुल गांधी के खिलाफ IPC की धारा 153-A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब शीर्ष अदालत के फैसले के बाद इस मामले में उनके खिलाफ चल रही संबंधित आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
क्या आगे भी टिप्पणी को लेकर कार्रवाई हो सकती है?
इस फैसले का आधार मामले की प्रक्रियात्मक और कानूनी खामी, यानी आवश्यक सरकारी मंजूरी का अभाव, रहा है। इसलिए इसे अदालत द्वारा राहुल गांधी की सावरकर संबंधी टिप्पणियों को सही ठहराने के फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राहुल गांधी को इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिल गई है।
