चमोली टनल हादसा: 8 मजदूरों की मौत, श्रमिकों ने कंपनी पर लगाए लापरवाही के आरोप
चमोली टनल हादसा: 8 मजदूरों की मौत, श्रमिकों ने कंपनी पर लगाए लापरवाही के आरोप
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा भरने की घटना के बाद अब निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। 13 अगस्त को हुए हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि अन्य श्रमिकों की तलाश और राहत-बचाव अभियान जारी है।
हादसे से पहले पानी रिसने की शिकायत का दावा
आपदा पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक के घटनास्थल पर पहुंचने के दौरान टनल में काम करने वाले श्रमिकों ने कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
गौचर निवासी श्रमिक अंकुश ने मंत्री को बताया कि हादसे से पहले सुरंग में पानी का रिसाव हो रहा था। उन्होंने दावा किया कि इसकी जानकारी सुपरवाइजर और अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया।
श्रमिकों का कहना है कि अगर पानी के रिसाव की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो हादसे को टाला जा सकता था।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश होंगे
मामले को गंभीरता से लेते हुए चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री और आपदा पुनर्वास मंत्री के निर्देश पर हादसे की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी।
जांच में हादसे के कारणों के साथ-साथ निर्माण कार्य में संभावित लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की जाएगी। जिलाधिकारी के मुताबिक, जांच के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।
मंत्री मदन कौशिक ने भी कहा कि श्रमिकों की शिकायतों की जांच होगी और अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
THDC की परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ हादसा
हादसा टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। पानी और मलबा अचानक सुरंग में घुस गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन.के. जोशी के अनुसार, हादसे के समय सुरंग के अंदर 22 कर्मचारी मौजूद थे। राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इस दौरान मौतें भी हुईं और कुछ लोगों के लापता होने की सूचना सामने आई।
उत्तरकाशी सुरंग हादसे की यादें हुईं ताजा
चमोली की घटना ने नवंबर 2023 में हुए उत्तरकाशी सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। उस हादसे में सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद 41 मजदूर अंदर फंस गए थे।
कई एजेंसियों और विशेषज्ञों की मदद से करीब 17 दिनों तक चले अभियान के बाद 28 नवंबर 2023 को सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
अब चमोली हादसे में श्रमिकों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों के बाद मजिस्ट्रेट जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि हादसे की असली वजह क्या थी और क्या सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की गई थी।
