पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद ‘रेडलाइन’, भारत को शहबाज शरीफ की सीधी चेतावनी
पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद ‘रेडलाइन’, भारत को शहबाज शरीफ की सीधी चेतावनी
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ सिंधु जल संधि को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। इस्लामाबाद में ‘यादगार-ए-फतह’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसके लिए रेडलाइन है और जल अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारत के फैसले पर जताई नाराजगी
शहबाज शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और नए विवादों से बचने के पक्ष में है, लेकिन अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने संकेत दिया कि भारत के रुख में बदलाव नहीं होने पर पाकिस्तान इसका जवाब देगा।
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला भी शामिल था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच जल बंटवारे को लेकर तनाव और बढ़ा है।
ट्रंप का भी किया जिक्र
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी उल्लेख किया। उन्होंने ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष हुए संघर्ष के दौरान युद्धविराम कराने में भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया। शरीफ ने दावा किया कि इस कदम से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता का दावा
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया को संघर्षों से मुक्त देखना चाहता है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की ओर से जिम्मेदार मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा किया।
उन्होंने सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए समझौतों और क्षेत्र में शांति के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार के प्रयासों की सराहना की।
अफगानिस्तान को भी दी चेतावनी
अफगानिस्तान के साथ जारी तनाव पर शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देश में शांति और स्थिरता चाहता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी या किसी अन्य हमलावर गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
इस तरह शहबाज शरीफ के बयान में भारत के साथ जल विवाद के अलावा अमेरिका-ईरान संबंधों, सऊदी अरब-तुर्की के साथ कूटनीतिक संबंधों और अफगानिस्तान के साथ सुरक्षा मुद्दों पर पाकिस्तान का रुख सामने आया।
