परिसीमन पर राजनीतिक गतिरोध: तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दलों ने बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से बनाई दूरी
परिसीमन पर राजनीतिक गतिरोध: तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दलों ने बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से बनाई दूरी
तमिलनाडु में प्रस्तावित संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) पर एक साझा राजनीतिक रुख बनाने के उद्देश्य से आयोजित परामर्श बैठक को बड़ा झटका लगा है। मुख्य विपक्षी दल डीएमके (DMK), एआईएडीएमके (AIADMK), डीएमडीके (DMDK) और मक्कल निधि मय्यम (MNM) ने इस बैठक का बहिष्कार किया।
यह बैठक शनिवार (8 अगस्त) को चेन्नई स्थित कलाईवनार अरंगम में आयोजित की गई।
1. बैठक का उद्देश्य और प्रमुख बिंदु
सांसदों को निमंत्रण: नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस के माध्यम से राज्य के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को परिसीमन के संभावित नतीजों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया गया था।
दक्षिण भारत की चिंताएं: बैठक का मुख्य विषय यह था कि केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करने से उन राज्यों को नुकसान हो सकता है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता पाई है।
2. विपक्षी दलों के बहिष्कार के कारण
डीएमके (DMK): पार्टी ने इस बैठक को राजनीतिक कवायद करार देते हुए कहा कि संसद में औपचारिक विधेयक पेश होने के बाद ही वह इसके प्रावधानों की जांच कर अपना रुख तय करेगी।
एआईएडीएमके (AIADMK): पार्टी के वरिष्ठ सांसद नई दिल्ली में उपस्थित होने और अन्य कारणों के चलते बैठक से दूर रहे।
अन्य दल: डीएमडीके के सांसद सुधीश और एमएनएम के राज्यसभा सांसद कमल हासन (अमेरिका यात्रा पर होने के कारण) इस परामर्श बैठक में शामिल नहीं हुए।
3. बैठक का नतीजा
विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद बैठक आयोजित हुई, जिसमें मुख्य रूप से कांग्रेस, वीसीके (VCK), सीपीआई (CPI), सीपीआई-एम (CPI-M), एमडीएमके (MDMK) और आईयूएमएल (IUML) के सांसदों ने हिस्सा लिया। शामिल हुए सांसदों ने एकमत होकर मांग की कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान तमिलनाडु के संसदीय प्रतिनिधित्व और सीटों की संख्या से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
