जासूसी के आरोप में भारतीय वायुसेना का विंग कमांडर गिरफ्तार: हनीट्रैप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजी रक्षा जानकारियां
जासूसी के आरोप में भारतीय वायुसेना का विंग कमांडर गिरफ्तार: हनीट्रैप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजी रक्षा जानकारियां
दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील सैन्य व रक्षा जानकारियां साझा करने के आरोप में भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विंग कमांडर को गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (Official Secrets Act – OSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है और वह फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है।
1. कैसे हुआ हनीट्रैप (Honeytrap) का शिकार?
सोशल मीडिया पर संपर्क: अपनी निजी जिंदगी में कठिन दौर से गुजर रहे विंग कमांडर की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए एक अज्ञात महिला से हुई।
भरोसा जीतकर ली जानकारियां: महिला ने धीरे-धीरे अधिकारी का भरोसा जीता और उससे गोपनीय सैन्य जानकारियां हासिल करना शुरू किया।
रक्षा यूनिट्स में एंट्री: जांच में यह भी सामने आया है कि यह महिला विंग कमांडर के साथ कई बार संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों व यूनिट्स में भी गई थी।
2. मोबाइल में इंस्टॉल करवाया था संदिग्ध ऐप
ऐप के जरिए डेटा लीक: महिला ने विंग कमांडर के मोबाइल फोन में एक खास एप्लिकेशन (App) इंस्टॉल करवाया था।
दस्तावेज व मीडिया शेयरिंग: इसी ऐप के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, फोटो और वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स (Pakistani Handlers) तक पहुंचाए जाते थे।
3. गिरफ्तारी और अब तक की कार्रवाई
31 मई को हुई गिरफ्तारी: भारतीय वायुसेना द्वारा दी गई जानकारी और समन्वय के आधार पर दिल्ली पुलिस ने 31 मई की रात को विंग कमांडर को हिरासत में लिया था।
बड़े नेटवर्क का शक: पुलिस को अंदेशा है कि विंग कमांडर इस नेटवर्क में अकेला नहीं है और इस तरह के जासूसी रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
दस्तावेजों की जांच जारी: जांच एजेंसियां फिलहाल यह पता लगा रही हैं कि कौन-कौन से संवेदनशील दस्तावेज और खुफिया डेटा सीमा पार साझा किए गए हैं।
