होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त बिल ड्राफ्ट: जहाजों पर पाबंदी, 20% जुर्माना और नेविगेशन फीस का प्रस्ताव
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त बिल ड्राफ्ट: जहाजों पर पाबंदी, 20% जुर्माना और नेविगेशन फीस का प्रस्ताव
ईरान की संसद का राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) से वाणिज्यिक शिपिंग और समुद्री यातायात को नियंत्रित (Regulate) करने के लिए एक नए बिल के ड्राफ्ट की समीक्षा कर रहा है।
1. नए बिल ड्राफ्ट के मुख्य प्रावधान
विस्तारित पाबंदियां: इजरायली जहाजों के अलावा, किसी भी देश या कंपनी से जुड़े सैन्य या नागरिक कार्गो (Civilian Cargo) को मुआवजा मिलने तक स्ट्रेट से गुजरने पर रोक लगाई जाएगी।
20% तक जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर उनके कार्गो की कुल कीमत का 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा।
नेविगेशन सेवा शुल्क: जलमार्ग से गुजरने की अनुमति प्राप्त जहाजों से सुरक्षित नौवहन खर्च के नाम पर सर्विस फीस ली जाएगी, जिसे ईरानी मुद्रा (Rial) में चुकाना अनिवार्य होगा।
2. ईरान और ओमान के बीच समझौते की बातचीत
अंतिम चरण में डील: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के अनुसार, मस्कट (ओमान) और तेहरान के बीच शिपिंग लेन के भौगोलिक निर्देशांकों (Geographical Coordinates) पर सहमति बन चुकी है और जल्द संयुक्त बयान जारी हो सकता है।
समुद्री यातायात की निगरानी: प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईरान अपने नियंत्रण वाले लेन से खाड़ी में आने-जाने वाले समुद्री जहाजों की निगरानी और आवश्यक सुरक्षा हस्तक्षेप करेगा। (हालांकि, इस समझौते पर ओमान की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।)
3. पहले के प्रस्तावों से कितना अलग?
मार्च और अप्रैल में पेश शुरुआती ड्राफ्ट में केवल अमेरिका, इजरायल और शत्रु देशों के जहाजों को निशाना बनाने का प्रस्ताव था।
नए ड्राफ्ट में पाबंदियों का दायरा बढ़ाते हुए अन्य देशों के उन जहाजों और कार्गो को भी शामिल कर लिया गया है जो ईरान के हितों के खिलाफ माने जाएंगे।
