देहरादून में पिलियन राइडर के लिए हेलमेट अनिवार्य: ANPR कैमरों से कट रहे ई-चालान, अब तक 33,000+ चालान दर्ज
देहरादून में पिलियन राइडर के लिए हेलमेट अनिवार्य: ANPR कैमरों से कट रहे ई-चालान, अब तक 33,000+ चालान दर्ज
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले पिलियन राइडर (सह-यात्री) के लिए हेलमेट पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य है। हालांकि, सड़कों पर लापरवाही बरतने वाले लोगों पर ट्रैफिक पुलिस के अलावा ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए ई-चालान की सख्त कार्रवाई की जा रही है।
1. नियम और कानूनी पृष्ठभूमि
हाईकोर्ट का आदेश: नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के तहत 10 अगस्त 2018 से पूरे उत्तराखंड में दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले पिलियन राइडर के लिए हेलमेट अनिवार्य किया गया था।
लापरवाही और अभियान: शुरुआती सख्ती के बाद समय-समय पर चेकिंग में ढील दिखने पर पिलियन राइडर्स बिना हेलमेट सफर करने लगे हैं, लेकिन परिवहन विभाग अब कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रख रहा है।
2. ANPR कैमरों के जरिए चालान के आंकड़े
जनवरी 2026 से अब तक: देहरादून में पिलियन राइडर के बिना हेलमेट होने पर 33,165 चालान किए गए हैं (RTO संदीप सैनी के अनुसार)।
कैमरों की प्रमुख लोकेशंस: जिले के 8 प्रमुख स्थलों पर ANPR कैमरे सक्रिय हैं—
आशारोड़ी, कटापत्थर, मोहकमपुर, भद्रकाली
तिमली के पास, ब्रह्मपुरी, कुठाल गेट, सत्य नारायण मंदिर और नेपाली फार्म
3. सुरक्षा और जागरूकता की अपील
सिर की चोट सबसे खतरनाक: परिवहन विभाग और आरटीओ ने स्पष्ट किया है कि हादसों के दौरान सिर में लगने वाली गंभीर चोटें मौत का मुख्य कारण बनती हैं।
उद्देश्य जान बचाना: डबल हेलमेट नियम का मुख्य उद्देश्य चालान से राजस्व जमा करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को रोकना और पिलियन राइडर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
