कांगो (DRC) में अनियंत्रित हुआ इबोला का कहर: 1850 से ज्यादा की मौत, 330 मासूमों ने तोड़ा दम
कांगो (DRC) में अनियंत्रित हुआ इबोला का कहर: 1850 से ज्यादा की मौत, 330 मासूमों ने तोड़ा दम
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस महामारी का रूप लेता जा रहा है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 4053 लोगों में इबोला संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1850 मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है। वर्तमान में 694 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।
1. बच्चों पर सबसे घातक वार
बच्चों की मौतें: संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के अनुसार, इस प्रकोप में अब तक 330 बच्चों की जान जा चुकी है।
उच्च मृत्यु दर: इबोला के कुल मामलों में लगभग 25% हिस्सा बच्चों का है, लेकिन कुल मौतों में उनकी हिस्सेदारी लगभग 33% (एक तिहाई) तक पहुंच चुकी है।
5 साल से छोटे बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में: 5 वर्ष से कम आयु के मासूमों में मृत्यु दर वयस्कों की तुलना में दोगुने से भी अधिक दर्ज की जा रही है।
2. स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई
नियमित इलाज और टीकाकरण ठप: इबोला के खौफ और अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते लोग इलाज कराने से कतरा रहे हैं। इससे बच्चों का नियमित टीकाकरण, प्रसूति देखभाल और अन्य आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ाया: UNICEF के प्रतिनिधि जॉन एगबोर के अनुसार, स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त होने का सबसे बुरा असर मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों के इलाज पर पड़ेगा, जो बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
3. डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) की गंभीर चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय मेडिकल संस्था मेडेसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स (MSF) के अनुसार पूर्वी कांगो, खासकर इतुरी प्रांत में स्थिति बेकाबू और बेहद क्रिटिकल बनी हुई है:
अस्पतालों में बेड कम पड़े: मरीजों की अचानक बढ़ी संख्या के कारण अस्पतालों में बेड की भारी किल्लत हो गई है।
तेज फैलाव: संक्रमण की रफ्तार अप्रत्याशित है और इसके धीमा पड़ने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
