सावन अमावस्या (12 अगस्त 2026) पर लगेगा पूर्ण सूर्यग्रहण: यूरोप में दिन में छाएगा अंधेरा, भारत में धार्मिक नियम लागू नहीं
सावन अमावस्या (12 अगस्त 2026) पर लगेगा पूर्ण सूर्यग्रहण: यूरोप में दिन में छाएगा अंधेरा, भारत में धार्मिक नियम लागू नहीं
दुनियाभर के अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए 12 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन सावन अमावस्या के अवसर पर पूर्ण सूर्यग्रहण लगेगा, जिसे यूरोप के आसमान में एक दुर्लभ दृश्य के रूप में देखा जा सकेगा। हालांकि, भारतीय उपमहाद्वीप में यह नजर नहीं आएगा।
यूरोप में 27 साल बाद ऐसा नज़ारा
प्रमुख देश: स्पेन, आइसलैंड और ग्रीनलैंड में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। यूरोप में 1999 के बाद यह पहला मौका है जब इतना प्रभावशाली पूर्ण सूर्यग्रहण दिख रहा है।
दिन में छाएगा अंधेरा: स्पेन इस खगोलीय घटना का मुख्य केंद्र रहेगा, जहां सूर्य 100% ढक जाने से दिन के समय कुछ देर के लिए अंधेरा हो जाएगा।
ब्रिटेन में आंशिक प्रभाव: यूके के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में 80 से 90 प्रतिशत तक सूर्य ढकेगा, जिससे वहां रोशनी और तापमान में थोड़ी गिरावट महसूस होगी।
भारत में कोई ‘सूतक काल’ नहीं
दृश्यता नहीं: यह सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा।
धार्मिक मान्यताएं: भारत में दृश्य न होने के कारण इसका कोई सूतक काल नहीं माना जाएगा।
नियमित पूजा-पाठ: मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और सावन अमावस्या से जुड़े सभी धार्मिक कार्य व अनुष्ठान सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
2027 का सूर्यग्रहण होगा और भी खास
वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगला पूर्ण सूर्यग्रहण 2 अगस्त 2027 को लगेगा, जो इससे भी ज्यादा दुर्लभ होगा। उस दौरान लगभग 6 मिनट तक अंधेरा छाया रहेगा, जिसे यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में देखा जा सकेगा।
